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छत्तीसगढ़: शनिवार का दिन रहा वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नाम, एक ओर छात्रों का प्रदर्शन तो दूसरी ओर बंगले का घेराव

रायपुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में शनिवार का दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। एक तरफ अंबिकापुर में एग्रीकल्चर और हार्टीकल्चर के पासआउट छात्रों ने नौकरी की मांग को लेकर उनके सामने प्रदर्शन किया, तो दूसरी ओर रायपुर स्थित उनके सरकारी बंगले का भी घेराव किया गया।

छात्रों ने उठाई नौकरी की मांग

कार्यक्रम में पहुंचे छात्रों ने मंत्री से आग्रह किया कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में जारी 2025 के एग्जाम कैलेंडर में एग्रीकल्चर और हार्टीकल्चर विभागों के पदों को भी शामिल किया जाए। छात्रों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्याओं को मंत्री के सामने रखा, लेकिन ओपी चौधरी ने उनकी मांगों का समाधान करने के बजाय कहा, “मेरे पास आना, बागवानी सिखाऊंगा।”


मंत्री के जवाब पर छात्रों में आक्रोश

छात्रों को उम्मीद थी कि मंत्री उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन देंगे। लेकिन मंत्री के इस जवाब ने छात्रों को निराश किया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मंत्री इस मुद्दे पर असहज होते हुए वहां से आगे बढ़ गए।

8 सालों से लंबित हैं पद

छात्रों ने बताया कि 8 वर्षों से राज्य में एग्रीकल्चर और हार्टीकल्चर विभागों में किसी भी प्रकार की नियुक्ति नहीं हुई है। इससे हजारों छात्र बेरोजगार हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इन विभागों में जल्द से जल्द रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।

वित्त मंत्री के बंगले का घेराव

शनिवार को ओपी चौधरी के लिए सिर्फ अंबिकापुर में ही नहीं, रायपुर में भी मुश्किलें खड़ी हुईं। रायपुर में उनके सरकारी बंगले के बाहर प्रदर्शनकारियों ने घेराव किया और रोजगार देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार पर रोजगार के अवसर नहीं देने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जाहिर की।

स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड वितरण

इस दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अंबिकापुर पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में जिले के 471 हितग्राहियों को संपत्ति कार्ड वितरित किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर के 50 हजार गांवों में 65 लाख संपत्ति कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने स्वामित्व योजना को ग्रामीणों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

छात्रों की मांग पर सरकार क्या करेगी फैसला?

अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार छात्रों और प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाती है। एग्रीकल्चर और हार्टीक कोल्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भर्ती न होने से छात्र काफी समय से परेशान हैं और सरकार से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

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