कुटुम्ब न्यायालय में अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार, जिला अधिवक्ता संघ ने किया विरोध



मुंगेली, 21 मार्च 2025 – मुंगेली जिले के कुटुम्ब न्यायालय में पदस्थ पीठासीन अधिकारी पर अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं, जिससे अधिवक्ता संघ में भारी नाराजगी है। जिला अधिवक्ता संघ मुंगेली ने इस संबंध में विरोध जताते हुए पीठासीन अधिकारी के स्थानांतरण की मांग की है।

क्या है मामला?

करीब दो महीने पहले कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा अधिवक्ताओं के प्रति अनुचित व्यवहार किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इस पर अधिवक्ता संघ ने आपत्ति दर्ज कराई और लगभग एक महीने तक बहिष्कार किया। मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा, जिसके बाद जिला न्यायाधीश को विवाद सुलझाने के निर्देश दिए गए।

हालांकि, न्यायालय द्वारा समझौता बैठक आयोजित कर अधिवक्ताओं को कार्य पर लौटने का आश्वासन दिया गया, लेकिन इसके बावजूद पीठासीन अधिकारी का व्यवहार नहीं बदला। अधिवक्ताओं के बार-बार विरोध जताने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया।

20 मार्च 2025 को बढ़ा विवाद

20 मार्च 2025 को कुटुम्ब न्यायालय में पेशी के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ पीठासीन अधिकारी द्वारा कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इससे अधिवक्ता संघ के सदस्य आक्रोशित हो गए। उन्होंने तुरंत एक आपात बैठक बुलाई और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर यह निर्णय लिया कि जब तक पीठासीन अधिकारी का स्थानांतरण नहीं होता, अधिवक्ता संघ उनका बहिष्कार करेगा।

अधिवक्ता संघ का बड़ा फैसला

जिला अधिवक्ता संघ मुंगेली ने न केवल कुटुम्ब न्यायालय का बहिष्कार करने का निर्णय लिया, बल्कि प्रदेश के अन्य जिला व राजस्व न्यायालयों से भी बहिष्कार की अपील की। इस प्रस्ताव की सूचना उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेज दी गई है।

आगे की रणनीति

यदि शीघ्र ही अधिवक्ताओं की मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तो अधिवक्ता संघ अपने आंदोलन को और तेज कर सकता है। इस घटना से मुंगेली जिले के न्यायिक प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच टकराव गहरा गया है। अब सबकी नजरें उच्च न्यायालय और जिला प्रशासन पर हैं कि वे इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं।

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