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सतनाम विजय अथर्व ग्रंथ पाठ में गूंजा “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश, लीलवाकपा बना संत गुरुघासीदास जी के आदर्शों का केंद्र

मुंगेली – ग्राम लीलवाकपा में चल रहे सात दिवसीय सतनाम विजय अथर्व ग्रंथ पाठ के छठवें दिन का आयोजन भक्ति, श्रद्धा और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर संत बाबा गुरुघासीदास जी के जीवन मूल्यों और उनके द्वारा प्रतिपादित “मनखे-मनखे एक समान” के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मीकांत भास्कर, सभापति सूरज यादव, पार्षद अजय साहू, रवि कोसले, कुलदीप पाटले, सरपंच प्रतिनिधि दीपचंद अनंत, और युवा नेता राहुल यादव ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी ने बाबा गुरुघासीदास जी के विचारों को वर्तमान समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए उनके मार्गदर्शन पर चलने का संदेश दिया।

कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामवासी, श्रद्धालुजन और युवा वर्ग उपस्थित रहे। संत विचारों से प्रेरित वातावरण में ग्रंथ पाठ का श्रवण करते हुए लोगों ने सामाजिक एकता, समरसता और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

मुख्य अतिथियों ने अपने वक्तव्यों में कहा कि बाबा गुरुघासीदास जी का जीवन समाज के लिए एक प्रकाशपुंज है, जिन्होंने जात-पात, भेदभाव और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानवता की राह दिखाई। आज भी उनके सिद्धांत सामाजिक समरसता के मजबूत आधार हैं।

कार्यक्रम का आयोजन न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक चेतना और सद्भावना को बढ़ावा देने वाला रहा। गांव में पूरे दिन सतनामी भजन, सत्संग, और सामूहिक आरती की गूंज सुनाई देती रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा।

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