समाधान शिविर में उजागर हुई जमीनी सच्चाई, लक्ष्मीकांत भास्कर ने सरकार को सुनाई खरी-खोटी

मुंगेली। ग्राम भालापुर में ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में जनप्रतिनिधि लक्ष्मीकांत भास्कर ने जमीनी समस्याओं को खुलकर सामने रखते हुए शासन-प्रशासन को आड़े हाथों लिया। भास्कर ने कहा कि सड़कें जर्जर हैं, पानी नहीं है, बिजली अनियमित है — ये सब इस बात के सबूत हैं कि विकास सिर्फ कागजों पर दिख रहा है, असल में नहीं।



शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद भास्कर ने दो अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी:

1. शासकीय कॉलेज की मांग:
उन्होंने बताया कि युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता है। क्षेत्र में कॉलेज खुलने से शिक्षा स्तर में सुधार आएगा और युवाओं को बेहतर भविष्य मिलेगा।

2. शराब दुकान का विरोध:
भास्कर ने प्रस्तावित शराब दुकान को खोलने का कड़ा विरोध किया और कहा कि इससे सामाजिक ताना-बाना बिगड़ेगा और युवा वर्ग बर्बादी की ओर जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस प्रस्ताव को तत्काल रद्द किया जाए।

भास्कर ने दो टूक कहा, “जब तक धरातल पर हालात नहीं बदलेंगे, सुशासन सिर्फ एक दिखावा रहेगा।” उन्होंने प्रशासन को चेताया कि यदि समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो जनता का आक्रोश और तीव्र हो सकता है।

शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने भी कॉलेज की मांग का समर्थन किया और शराब दुकान के विरोध में एकजुटता दिखाई। हालांकि प्रशासन ने कुछ आश्वासन दिए, लेकिन भास्कर ने कहा कि अब समय केवल आश्वासन का नहीं, ठोस कार्रवाई का है।

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