“स्कूलों पर ताले, सरकार पर सवाल! पथरिया में कांग्रेस का शिक्षा न्याय आंदोलन गरमाया”

हनुमान मंदिर में ‘सद्बुद्धि’ प्रार्थना से शुरुआत, मंच से गरजी चेतावनियां, शहीद एएसपी को श्रद्धांजलि

मुंगेली/पथरिया, 12 जून 2025
भाजपा सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस का शिक्षा न्याय आंदोलन पथरिया में पूरी ताकत से गरज उठा। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के घेराव के साथ कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कि अब चुप्पी नहीं, संघर्ष होगा।

प्रदर्शन की शुरुआत हनुमान मंदिर में प्रदेश सरकार की सद्बुद्धि के लिए की गई प्रार्थना से हुई। फिर सभा स्थल पर एक के बाद एक नेताओं ने मंच से सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला।

मंच से गरजी चेतावनी, नेताओं ने उठाई तल्ख आवाजें

 जिला संगठन प्रभारी आलोक सिंह ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा –
“अगर मेरे किसी भी कार्यकर्ता को गलत आरोप में फंसाया गया या किसी कार्यालय के चक्कर लगवाए गए, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी।”
उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट कर दिया कि यह आंदोलन अब दबाया नहीं जा सकता।

जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने भी गरजते हुए कहा –
“जिस सरकार ने चुनाव में भर्ती की बात की थी, सत्ता में आते ही उल्टा काम कर रही है—न सिर्फ नई भर्तियां बंद, बल्कि काम कर रहे शिक्षकों पर भी गाज गिर रही है।”

पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजीत बनर्जी ने सवाल खड़ा किया –
“जब ओपी चौधरी जैसे पूर्व कलेक्टर के पास वित्त विभाग है, तो प्रदेश में कोई ऐसा बजट क्यों नहीं बनाया गया जिससे नई शिक्षकों की भर्ती निकाली जा सके?”

पूर्व मंडी अध्यक्ष आत्मा सिंह क्षत्रिय ने सरकार पर सीधा वार करते हुए कहा –
“आप कहते हैं कि कांग्रेस युक्तियुक्तकरण पर अफवाह फैला रही है, तो बताइए—10463 स्कूलों के बंद होने पर क्या जवाब है सरकार के पास?” पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष दिलीप कौशिक ने व्यंग्य करते हुए कहा –
“विष्णु का अर्थ होता है पालनहार, लेकिन ये सरकार तो नौकरी खा रही है। ये कैसी विष्णु नीति है?”

शहीद एएसपी को दी गई श्रद्धांजलि

सभा के दौरान हाल ही में IED ब्लास्ट में शहीद हुए एडिशनल एसपी स्व. आकाश राव गिरिपूंजे को मौन श्रद्धांजलि दी गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंच पर गहरी संवेदनशीलता और सम्मान का भाव बना रहा।

प्रदर्शन में उपस्थित प्रमुख नेता और कार्यकर्ता:

आलोक सिंह, घनश्याम वर्मा, संजीत बनर्जी, हेमेंन्द्र गोस्वामी, आत्मा सिंह क्षत्रिय, राजा ठाकुर, स्वतंत्र मिश्रा, संजय यादव, श्रीमती जागेश्वरी वर्मा, श्रीमती उर्मिला यादव, श्रीमती मायारानी सिंह, श्रीमती हेमिन मंगेश्कर, नरेश पाटले, दिलीप बंजारा, रमेश कश्यप, ग्वाल दास अनंत, अभिलाष सिंह, संतोष धृतलहरे, दिलीप कौशिक, नवनीत शुक्ला, अभिषेक सिंह यादव, संजय ठाकुर, दीपक साहू, संपत जायसवाल, ओंकार यादव, धर्मेंद्र श्रीवास, छोटू खान, प्रकाश भार्गव, गुरमीत बग्गा, आशुतोष पाण्डेय, उमेश सोनी, नेहरू साहू, मुकेश साहू, परविंदर खालसा, रशिद खान, घसिया लहरे, बाबू लाल जांगड़े, संतोष पाटले, जयराम साहू, संतोष पाली, विनोद कुर्रे, पुनाराम जोगी, ललीत धृतलहरे, इंद्रजीत कुर्रे, कौशल क्षत्रिय, श्वेता पाठक, नीरज यादव, विष्णु खाण्डे, रामकुमार साहू, धृतलहरे, राकेश साहू, वहाब खान, मनिष यादव, विक्की वर्मा, अशोक जायसवाल, तुलसी सोनवानी, अनीता विश्वकर्मा, निर्मल दिवाकर, श्रवण सोनकर, कुशल राजपूत, टेक राम सोनवानी, तारण टंडन, मानस राजपूत, डॉ. रमेश कश्यप, बिंदु यादव, आकाश दिव्य, अलख जायसवाल, संजय धुमसरे, सतीष खाण्डे, केशव खाण्डे, गुलाबा सिंह।

 अब अगला निशाना: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय!

सभा में यह स्पष्ट कर दिया गया कि यदि प्रशासन और सरकार ने जल्द कोई समाधान नहीं निकाला, तो अगला चरण जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव होगा।
यह आंदोलन अब सिर्फ कांग्रेस का नहीं, हर उस नागरिक की आवाज़ है जो शिक्षा को बचाना चाहता है।

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