पद्मश्री हास्य कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे का निधन, साहित्य जगत में शोक की लहर

रायपुर/बेमेतरा, 26 जून 2025
प्रसिद्ध हास्य कवि और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. सुरेंद्र दुबे का आज दोपहर निधन हो गया। वे 72 वर्ष के थे। रायपुर के एसीआई अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। निधन का कारण दिल का दौरा बताया गया है।

डॉ. सुरेंद्र दुबे छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के मूल निवासी थे। वे पेशे से आयुर्वेदाचार्य थे, लेकिन उनकी पहचान एक प्रख्यात हास्य कवि के रूप में थी। उनकी रचनाओं में समाज पर व्यंग्य, राजनीति की आलोचना और आम जनमानस की भावनाओं की सहज प्रस्तुति प्रमुख रही है।

वर्ष 2010 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। इससे पहले 2008 में उन्हें ‘हास्य रत्न’ की उपाधि भी मिली थी। वे दूरदर्शन और निजी टीवी चैनलों पर कई बार राष्ट्रीय कवि सम्मेलनों में अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को गुदगुदा चुके हैं।

उनकी लोकप्रिय रचनाओं में “मसाज पार्लर”, “हसगुल्ले”, “पांच पांडव और द्रौपदी का प्रेम पत्र”, और “कवि सम्मेलन की बारात” शामिल हैं। उन्होंने देश-विदेश में छत्तीसगढ़ी हास्य और व्यंग्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

उनके निधन से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि संपूर्ण हिंदी साहित्य जगत में अपूरणीय क्षति हुई है। राजनीतिक और साहित्यिक हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।

अंतिम संस्कार का कार्यक्रम कल सुबह उनके गृह नगर बेमेतरा में किया जाएगा।

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