
अवयस्क पीड़िता से छेड़छाड़ के दोषी को 3 वर्ष का कारावास
न्यायालय ने पीड़िता को एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति की अनुशंसा
मुंगेली। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) एवं पीठासीन अधिकारी राकेश कुमार सोंम की अदालत ने आज 7 नवंबर 2025 को थाना सरगांव क्षेत्र में अवयस्क पीड़िता से अश्लील हरकत के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। न्यायालय ने अभियुक्त कमल बघेल (38 वर्ष), निवासी करही को 3 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹1000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियुक्त पर आरोप था कि उसने अवयस्क पीड़िता की कुर्ती फाड़कर उसे डबरी की ओर धक्का दिया और उसके शरीर के साथ अवांछनीय व आपत्तिजनक स्पर्श एवं अग्र क्रिया की। प्रकरण अपराध क्रमांक 170/2024 के तहत दर्ज किया गया था तथा इसकी सुनवाई भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(1)(i), 76 एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 12 और 8 के अंतर्गत हुई।
अभियोजन की ओर से इस मामले को सिद्ध करने हेतु न्यायालय में कुल 11 गवाहों का परीक्षण कराया गया, जिनके आधार पर अभियुक्त का अपराध प्रमाणित हुआ।
निर्णय में न्यायालय द्वारा पीड़िता को ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की अनुशंसा भी की गई है।
इस प्रकरण की विवेचना थाना प्रभारी सरगांव संतोष शर्मा द्वारा की गई थी, जबकि न्यायालय में पैरवी विशेष लोक अभियोजक (POCSO) मोतीलाल साहू द्वारा की गई।
निर्णय आने पर लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने मोतीलाल साहू को बधाई देकर इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।


