
नवगठित जिला कांग्रेस कमेटी मुंगेली की प्रथम बैठक जिला कांग्रेस कार्यालय में उत्साह और जोश के साथ सम्पन्न हुई। बैठक की शुरुआत जिलाध्यक्ष घनश्याम वर्मा ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए की। उन्होंने संगठन की मजबूती के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया और स्पष्ट कहा कि हर पदाधिकारी को बूथ एवं मंडल स्तर तक सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
बैठक में मुंगेली विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी संजीत बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से 2028 के चुनाव को लक्ष्य मानते हुए अभी से तैयारी में जुट जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही जीत की कुंजी है। इसके बाद थानेश्वर साहू ने सभी पदाधिकारियों से आपसी समन्वय और एकजुटता के साथ काम करने की अपील की।
संजीत बनर्जी और थानेश्वर साहू के उद्बोधन के पश्चात शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक गुप्ता एवं सेवादल जिलाध्यक्ष दिलीप बंजारा ने भी अपने विचार रखते हुए सभी पदाधिकारियों को बधाई दी और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का संदेश दिया।
विद्यानंद चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यकर्ताओं को भाजपा की नीतियों और कमियों के खिलाफ सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक मजबूती से लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहना होगा। बैठक में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने और पदाधिकारियों के दायित्वों के निर्धारण पर गंभीर चर्चा हुई।
जिला कांग्रेस कमेटी के सभी नवनियुक्त पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। सभी ने वरिष्ठ नेताओं के विचारों से सहमति जताते हुए बूथ स्तर तक सक्रियता बढ़ाने, 2028 के मिशन में जीत हासिल करने और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर हेमेंद्र गोस्वामी, मुकेश मिरि, अभिलाष सिंह, उमेश सोनी, खुशबू वैष्णव, पुरुषोत्तम मार्को, अरविंद वैष्णव, लोकराम साहू, मनीष त्रिपाठी, अशोक चंद्राकर, श्रीनिवास ठाकुर, संपत जायसवाल, रामकुमार साहू, अरुण कुलमित्र, कुलेश्वर बरामत, दीपक साहू, रमेश राजपूत, राजेंद्र जायसवाल, तारण टंडन, दिलीप सोनी, भूपेंद्र साहू, सोहन वर्मा, बिंदु यादव, गुरमीत बग्गा, धर्मेंद्र श्रीवास, ओमप्रकाश साहू, प्रियंका साहू, आराधना तिवारी, खेमलाल साहू, अखिल टोडर, दादू मल्लाह, विनय यादव, संजय भंडारी, कमलेश्वर जोशी एवं उत्तम कुमार अनंत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक का सफल संचालन नरेश पाटले ने किया।
यह बैठक संगठन के लिए मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसमें आने वाले समय की रणनीति और जमीनी कार्ययोजना को स्पष्ट दिशा मिली।


