
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लंबे समय से सक्रिय कुख्यात सूदखोर और ब्लैकमेलिंग गैंग से जुड़े आरोपी वीरेंद्र सिंह तोमर को आखिरकार ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि उसका भाई रोहित तोमर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। दोनों आरोपी जून माह से फरार चल रहे थे, जिन पर रायपुर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया था।
जानकारी के अनुसार तोमर बंधु के खिलाफ सूदखोरी, जबरन वसूली, मारपीट, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट सहित करीब 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई और तेज कर दी गई थी।
पुलिस ने पूर्व में आरोपी के रायपुर स्थित ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की थी, जिसमें ब्लैंक चेकबुक, पिस्टल, कारतूस और लेन-देन के रिकॉर्ड बरामद किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार आरोपी अवैध ब्याज पर भारी रकम उधार देता था और रकम वसूलने के लिए धमकी, मारपीट और ब्लैकमेलिंग का सहारा लेता था।
सूत्रों के मुताबिक, ग्वालियर पुलिस और रायपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में वीरेंद्र सिंह तोमर को दबोचा गया है। ग्वालियर पुलिस ने हिरासत में लेने के बाद रायपुर पुलिस को गिरफ्तारी की सूचना भेज दी है। आरोपी को जल्द ही रायपुर लाया जाएगा।
वहीं उसका भाई रोहित तोमर अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है।
रायपुर पुलिस का बयान:
“सूदखोरी और जबरन वसूली में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपी की तलाश जारी है।”


