CG Gaudham Yojana: भूपेश बघेल की गौठान योजना का नया नाम ‘गौधाम’, मौजूदा सरकार ने भी मानी योजना की अहमियत

रायपुर। छत्तीसगढ़ में गोवंश संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शुरू की गई गौठान योजना को मौजूदा सरकार ने भी आगे बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि इसका नाम बदलकर ‘गौधाम योजना’ कर दिया गया है, लेकिन मूल संरचना और उद्देश्य वही रखे गए हैं, जो बघेल सरकार ने तय किए थे।

गौरतलब है कि भूपेश बघेल ने अपने कार्यकाल में “नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी” जैसी अवधारणा को लागू करते हुए गौठान योजना शुरू की थी, जिसके जरिए न केवल गोवंश को संरक्षण मिला बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए साधन खुले। मौजूदा सरकार अब उसी योजना को नए स्वरूप में लागू कर रही है, जो इसकी सफलता और दूरगामी सोच को साबित करता है।


गौधाम योजना के तहत प्रमुख प्रावधान

गोवंश संरक्षण के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना।

चरवाहों को मासिक मानदेय।

मवेशियों के चारे-पानी के लिए बजट का प्रावधान।

प्रत्येक गौधाम में अधिकतम 200 पशुओं की क्षमता।

बेहतर संचालन पर रैंकिंग और इनाम की व्यवस्था।


भूपेश बघेल की सोच को मिला विस्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला इस बात का सबूत है कि भूपेश बघेल द्वारा शुरू की गई योजनाएं व्यावहारिक और जनहितैषी थीं, जिन्हें समय के साथ और मजबूती दी जा रही है।

ग्रामीण विकास और पशुपालन क्षेत्र में बघेल सरकार की पहल से ही छत्तीसगढ़ ने “गौठान मॉडल” देशभर में चर्चा में आया था। अब नाम बदलने के बावजूद, योजना का मूल स्वरूप वही है और इसका फायदा ग्रामीणों को मिलेगा।

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