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महंगाई भत्ता और अवकाश नगदीकरण को लेकर भड़के कर्मचारी, कलेक्टोरेट में गरजा आक्रोश – सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी!

मुंगेली, 19 जून 2025 |
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर 13 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर परिसर में कर्मचारियों का आक्रोश फूट पड़ा। भारी संख्या में जुटे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की और चेतावनी दी कि यदि मांगे नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में राज्यव्यापी उग्र आंदोलन होगा।



प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश महामंत्री अवधेश शुक्ला ने कहा,
“छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देय तिथि से दिया जाए, और मध्यप्रदेश की तर्ज पर 300 दिन का अवकाश नगदीकरण आदेश तत्काल जारी किया जाए।
सरकार यदि हमारी 13 सूत्रीय मांगों की अनदेखी करती है, तो कर्मचारी वर्ग अब चुप नहीं बैठेगा — आंदोलन उग्र रूप लेगा।”

शुक्ला ने यह भी कहा कि यह केवल कर्मचारियों की नहीं, बल्कि उनके परिवारों के भविष्य की लड़ाई है। यदि सरकार सकारात्मक पहल नहीं करती तो हर जिले में विरोध की चिंगारी भड़क उठेगी।

प्रदर्शन के पश्चात रैली निकालकर कर्मचारियों ने एडिशनल कलेक्टर निष्ठा पांडेय को ज्ञापन सौंपा।


इस दौरान जिला अध्यक्ष बिन्दु भास्कर, जिला सचिव कृष्ण कुमार वर्मा, जिला प्रवक्ता मोहम्मद उमर कुरैशी, फूलचंद यादव, तहसील अध्यक्ष पीला लाल दिवाकर, जे पी साहू, कोषाध्यक्ष प्रभात तिवारी, अरविंद शर्मा, भूपेन्द्र घृतलहरे, अजय उपाध्याय, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सुशीला घृतलहरे, मंजू श्रीवास्तव, अरविंद पांडेय, परसोत्तम पांडेय, भूपेन्द्र बंजार, मनोज अंचल, जवाहर डरसेना, द्वारिका जयसवाल, गेवेन्द्र वैष्णव, अंगद यादव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

13 सूत्रीय मांगों में शामिल हैं –
🔹 महंगाई भत्ते की देय तिथि से भुगतान
🔹 300 दिन का अवकाश नगदीकरण
🔹 नियमितीकरण
🔹 पदोन्नति
🔹 पुरानी पेंशन योजना की बहाली
🔹 वेतन विसंगति दूर करना
🔹 महिला कर्मचारियों की विशेष समस्याओं का समाधान
अब फैसला सरकार को करना है – कर्मचारियों का धैर्य टूट चुका है, और आंदोलन की जमीन तैयार है।

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