हो गया मुंगेली के त्यौहार का आगाज़!!! “मुंगेली व्यापार मेला २०२४” आइए जानते हैं असीम अग्रवाल की कलम से

असीम अग्रवाल की कलम से

कुर्सी की पेटी बाँध लो भईया? इंतजार की घड़िया खत्म हुई!!
मुंगेली का त्यौहार आने वाला है!!
जी हाँ!!!!

एक ऐसा महोत्सव जिसने ना केवल इस जिले बल्कि पुरे प्रदेश में मुंगेली का नाम ख्याति से लबालब भर दिया है
एक ऐसा महोत्सव जिसने सोई हुई मुंगेली में बाहुबली सा जोश भर दिया है
एक ऐसा महोत्सव जिसने मुंगेली के व्यापार को बढ़ाने में महती भूमिका अदा की है
एक ऐसा महोत्सव जिसने ये दर्शाया की कुछ करने का जज्बा हो तो एक सोच को विशाल आयोजन के रूप में कैसे बदला जा सकता है

जबरदस्त, जोरदार, गरिमामय, उल्लासपूर्ण, पॉजिटिव एनर्जी से भरा, बेहतरीन, धमाकेदार, उम्दा, प्रभावपूर्ण, विलक्षण, तबाही, सुनामी, मल्टी बेगर, सुपर डुपर हिट सफलतम 8 साल से भव्य आयोजन
क्या ही अब और बोलू ??
ये है मुंगेली का त्यौहार

“मुंगेली व्यापार मेला 2024”

अजी गजब का आयोजन होता है यार जितना तारीफ करुंगा कम ही लगता है!
चलो तो भी पूरा बोल ही देता हूं!
जिस कार्यक्रम का इंतजार तो 11 महीने से जनता कर रही है अब वो आने ही वाला है⌚

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अब मचेगी धमाचौकाडी आएगा मस्त जबरदस्त मजा जब जायेंगे व्यापार मेला!
रंग बिरंगी सतरंगी लाइट, चमकदार पर्दे, सुनहरे बिछे कालीन, भव्य और ऐतिहासिक स्टेज सभी साजो सज्जा से भरा से हमारा “वीर शहीद धनंजय सिंह राजपूत स्टेडियम” को देखकर ऐसा लगता है मानो किसी और गोले में तो नहीं आ गए 😁

अरे भाई आपको खरीदना क्या है?? सब मिलेगा! सब बोले तो एवरीथिंग दूर दराज से आये व्यापारी नायाब कपड़ो के आइटम से लेकर इलेक्ट्रॉनिक, गाड़ी, घरेलु सामान, चप्पल, जूते, सजावट का सामान इतना कुछ वेरायटी मिलेगी की सुपर डुपर 20 मंजिला मॉल भी फेल हो जाएगा! आपको मन ही नहीं करेगा वहां से जाने का..

हमको नहीं खरीदना कुछ तो क्यों जायेंगे?

ओह्हो टेंशन नाको ले मेरे भाई छोटे पूरा का पूरा मेला है तेरे लिए पहले तू जी भर के लजीज व्यंजन खाना क्युकी मिलेगा वहां एक से एक खाने के आइटम फिर निकल लेना बगल में जहाँ लगेंगे बड़े बड़े झूले और टाईम पास के साधन, फिर क्या लेना मजे!!

चाचू मैं तो छोटा बच्चा हूं मैं क्या करूँगा जाके?
अरे मेरे लाल असल में मेला तो तुम लोगो का ही है खूब सारे कपडे, खिलौने लेंगे खूब सारा खउवा लेंगे त फिर बच्चों के लिए तो इतने सारे झूले और गेम्स रहेंगे की तू वापस आने मानेगा ही नहीं 😘

मर्यादित नृत्य प्रतियोगिता, मेहंदी, रंगोली, चित्रकला, भारतीय व्यंजन, भारतीय परिधान जैसे पारंपरिक और घरेलु प्रतियोगिता से माताओं बहनों के लिए तो वास्तविकन में धमाकेदार और गरिमापूर्ण प्रतियोगिता होते है!
हमारी राजभाषा “छत्तीसगढ़ी” को पूरा सम्मान देते हुए लोक कलाकारों के जादूई परफार्मेस से इस महोत्सव की गरिमा में फोकस लाइट छा जाती है | हास्य व्यंग और वीर रस का फुहार लगाकर कवि सम्मेलन, बॉडी बिल्डिंग जैसे नए- नए प्रतियोगिता के अलावा स्कूल – कॉलेज के बच्चों के नृत्य गायन जैसे उत्कृष्ट और प्रवर आयोजन से आमजन पुरे दिन दिन बंध कर रहते है

अब और क्या बोलू!! क्या बच्चे की जान लोगे?? बचा क्या है? पूरा सौर मण्डल तो समा गया इस पर्व में! अरे भाई आधे एक घंटे के कार्यक्रम को मैनेज करने में ए दाई ए ददा हो जाता है तो फिर 5-6 दिवसीय प्रदेश स्तरीय हजारों की भीड़ से भरे इतने विशाल और गौरवशाली आयोजन सफलतापूर्ण करना!!!!!
गजब का आत्मविश्वास और विलक्षण कार्यशैली से ही संभव होता है
बड़ाई, तारीफ़ और सम्मान भी कम है इनके टीम के लिए!!
टीम वर्क, बुद्धिमता, निर्णयन क्षमता, प्रभावी, मिलनसार, सामाजिक कार्यों में अग्रणी लोगो की ब्रिगेड है

“स्टार्स ऑफ़ टूमारो वेलफेयर सोसाइटी”

ऐसी ही टीम इस आयोजन करवाने का बाहुबल दिखा सकती है 👍 विभिन्न राजनितिक दलों , समाज, संस्थाओ और विचारधाराओं से होकर भी एक छत में समान सेवाभाव से समा जाना एक अनुकरणीय उदाहरण है!!

जहाँ तक मैं जानता हूं कॉन्फिडेंस से भरे पुरे संगठन में समान रूप से कार्य विभाजन होता है चाहे वो खम्भे में बैनर लगाना हो, ऑटो के पीछे स्टिकर चिपकाना हो, झाडू लगाना हो या मुख्यमंत्री, मंत्री या विधायक कलेक्टर जैसे वीआईपी का स्वागत करना हो सभी को समान जिम्मेदारी दी जाती है!! यही वो क्वालिटी है इस संघ की जो इन्हे दुसरो से कई गुना बेहतर बनाती है….

सच कहूं तो अगर इस संगठन की तरह हमारी क्रिकेट टीम आपसी तालमेल से फ्रंट फुट पर खेले तो शायद कभी कोई मैच हारे ही ना!!
हरियर मुंगेली सुघर मुंगेली, संक्रांति पतंग प्रतियोगिता, बगदाई मेला मंच, माँ दुर्गा गणेश विसर्जन झाँकि, मतदाता जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, स्वछता अभियान जैसे अनेको जनजागरूक अभियान के माध्यम से सतत लोगो में एक उद्देश्य पैदा करने की कोशिस करते रहना वास्तव में इस संगठन के प्रति एक खास विश्वास बनाता है!

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वैसे तो बिना खिलाडी के टीम तो बन ही नहीं सकती पर कोच कप्तान के ऊपर भी खास दारोमदार रहता है की वर्ल्ड कप जीतेगी की नहीं 😉 उसी तरह रामपाल सिंह बाघेल जैसे विवेकी,  प्रतिभाशाली और बेहतरीन प्रवक्ता नें इस संगठन को फेविक्व जैसे मज़बूत जोड़ से जोड़े रखा है विनोद यादव, महावीर ठाकुर जैसे तीक्ष्णदिमागी और मल्टी टेलेंटेड लोगों नें सभी को एकजुट रखते हुए बड़ी बड़ी समस्याओं को तुरंत सॉल्व कर आयोजन के प्रवाह को संतुलित बनाये रखते हैं..रामशरण यादव धनराज ठाकुर जैसे प्रबुद्ध और व्यवहार कुशल लोगों से ये टीम नए आयाम तय कर रही है!
    🙏अब सभी का नाम लिखकर उनकी खासियत बता पाना तो संभव है नहीं तो बाकी भाई लोगों नाराज मत होना!! जैसे अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता वैसे ही टीम के प्रत्येक सदस्य की अपना एक अलग खूबी होती है और सभी के एकजुटता से ही कार्य सफल हो पाते हैं… देट्स कॉल टीम वर्क
सभी राजनीतक दलों,पत्रकार संगठनों, प्रशासनिक, सामाजिक, धार्मिक, व्यवसायिक, स्वयं सेवी संस्थाएं को मंच से समान सम्मान और व्यवहार देते हुए इस आयोजन में भागीदारी होती ही है!
सच कहूं तो ऐसा महोत्सव हमारे नगर में होना गर्व की बात है
मैं टीम का सदस्य नहीं हूं ऐसे अहमवादी विचार को दूर रखते हुए सभी को प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से इसके सफल आयोजन के लिए समान भाव से सहयोग करना चाहिए!.

इतने के बाद भी अगर किसी को मेला घूमने नहीं जाना तो….. जाके अपनी भैंस चराये 😂

तो भईया मुंगेली व्यापार मेला के आगामी सफल आयोजन के लिए स्टार्स ऑफ़ टुमारो की पूरी टीम को एडवांस में शुभकामनायें 🙏

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