दीपावली पांच दिनों का महापर्व माना गया है। धनतेरस से दिवाली पूजन का श्रीगणेश होता है। इसमें भगवान धन्वंतरि, कुबेर देवता और मां लक्ष्मी की पूजा करने विशेष महत्व होता है। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, कुबेर देवता और मां लक्ष्मी की पूजा करने विशेष महत्व होता है।
धनतेरस से दीपोत्सव का पर्व प्रारंभ हो जाता है। धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा का विधान होता है। इसके अलावा धनतेरस पर कुछ चीजों की खरीदारी करना बहुत ही लाभकारी और शुभ माना जाता है। धनतेरस पर कुछ चीजों को खरीदकर घर लाना बहुत ही शुभ माना जाता है।
1. सोना- चांदी के सिक्के और आभूषण
2. बर्तन खरीदना
3. झाड़ू खरीदना
4. साबुत धनिया
5. वाहन या प्रॉपर्टी
6. दीप और लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां
7. धार्मिक ग्रंथ और हनुमान जी का सिंदूर
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए धनतेरस पर काले कपड़े, उड़द और लोहे का दान करना शुभ है। इससे शनि ग्रह का अनुकूल प्रभाव मिलता है और नौकरी में प्रगति होती है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों को धनतेरस पर काले तिल, तेल और नीले कपड़े का दान करना चाहिए। इससे शनि की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में स्थिरता आती है।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों को पीले कपड़े, चने की दाल, और हल्दी का दान करना चाहिए। इससे गुरु ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है और अध्यात्म में रुचि बढ़ती है।
तुला राशि
तुला राशि के जातक सफेद कपड़े, चावल और चांदी का दान करें। इससे शुक्र की कृपा मिलती है और जीवन में ऐश्वर्य बढ़ता है।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए मसूर की दाल, लाल कपड़े, और तांबे का दान करना उत्तम होता है। इससे मंगल ग्रह की शांति होती है और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों को पीले कपड़े, चने की दाल और हल्दी का दान करना चाहिए। इससे गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए दूध, चावल और शंख का दान करना शुभ माना गया है। इससे चंद्रमा के दोष दूर होते हैं और मानसिक शांति मिलती है।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों को धनतेरस पर गेहूं, गुड़ और तांबे का दान करना चाहिए। इससे सूर्य की कृपा मिलती है और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों को हरे कपड़े, मूंग दाल और धन का दान करना चाहिए। इससे बुध ग्रह के दोष दूर होते हैं और व्यापार और करियर में प्रगति होती है।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए धनतेरस पर मसूर की दाल, गुड़ और तांबे का दान करना लाभकारी होता है। इससे मंगल दोष कम होते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। यह दान करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए चावल, चांदी, सफेद कपड़े या श्वेत वस्तुओं का दान करना शुभ होता है। इससे शुक्र ग्रह की अनुकूलता प्राप्त होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के लोग धनतेरस पर हरे रंग की वस्तुएं, मूंग की दाल या हरे कपड़े का दान करें। इससे बुध ग्रह की कृपा प्राप्त होती है और व्यापार में सफलता मिलती है।
धनलाभ के लिए करें मां लक्ष्मी की ये आरती
लक्ष्मी जी की आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत
मैया जी को निशदिन सेवत
हरि विष्णु विधाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
उमा रमा ब्रह्माणी तुम ही जगमाता
मैया तुम ही जगमाता
सूर्य चन्द्रमा ध्यावत
नारद ऋषि गाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
दुर्गा रूप निरंजनी सुख सम्पत्ति दाता
मैया सुख सम्पत्ति दाता
जो कोई तुमको ध्यावत
ऋद्धि-सिद्धि धन पाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
तुम पाताल निवासिनि तुम ही शुभदाता
मैया तुम ही शुभदाता
कर्मप्रभावप्रकाशिनी
भवनिधि की त्राता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
जिस घर में तुम रहती सब सद्गुण आता
मैया सब सद्गुण आता
सब सम्भव हो जाता
मन नहीं घबराता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
तुम बिन यज्ञ न होते वस्त्र न कोई पाता
मैया वस्त्र न कोई पाता
खान पान का वैभव
सब तुमसे आता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
शुभ गुण मन्दिर सुन्दर क्षीरोदधि जाता
मैया सुन्दर क्षीरोदधि जाता
रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहीं पाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
महालक्ष्मीजी की आरती जो कोई नर गाता
मैया जो कोई नर गाता
उर आनन्द समाता पाप उतर जाता
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत
हरि विष्णु विधाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
।। मैया जय लक्ष्मी माता।।
मां महालक्ष्मी की जय
कुबेर देव की आरती
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जय यक्ष जय यक्ष कुबेर हरे ।
शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे । ॥
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे…॥
शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुबेर बड़े ।
दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े ॥ ॥
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे…॥
स्वर्ण सिंहासन बैठे, सिर पर छत्र फिरे, स्वामी सिर पर छत्र फिरे ।
योगिनी मंगल गावैं, सब जय जय कार करैं ॥ ॥
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे…॥
गदा त्रिशूल हाथ में, शस्त्र बहुत धरे, स्वामी शस्त्र बहुत धरे ।
दुख भय संकट मोचन, धनुष टंकार करें ॥ ॥
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे…॥
भांति भांति के व्यंजन बहुत बने, स्वामी व्यंजन बहुत बने ।
मोहन भोग लगावैं, साथ में उड़द चने ॥ ॥
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे…॥
बल बुद्धि विद्या दाता, हम तेरी शरण पड़े, स्वामी हम तेरी शरण पड़े ।
अपने भक्त जनों के, सारे काम संवारे ॥ ॥
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे…॥
मुकुट मणी की शोभा, मोतियन हार गले, स्वामी मोतियन हार गले ।
अगर कपूर की बाती, घी की जोत जले ॥ ॥ ‘
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे…॥
यक्ष कुबेर जी की आरती, जो कोई नर गावे, स्वामी जो कोई नर गावे ।
कहत प्रेमपाल स्वामी, मनवांछित फल पावे ॥ ॥
ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे…॥