
सुआ नृत्य व राउत नाचा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, प्रदर्शनी बनी आकर्षण


मुंगेली। माइंड्स आई इंटरनेशनल स्कूल मुंगेली में आज छत्तीसगढ़ राज्योत्सव बड़े उत्साह, रंगारंग प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के डायरेक्टर आलोक पाठक, कोषाध्यक्ष सुरेश सत्यपाल और अभिलाष सिंह द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात विद्यालय के बच्चों ने सामूहिक रूप से छत्तीसगढ़ राज्य गीत ‘अरपा पैरी के धार’ का गायन किया, जिससे पूरा स्कूल छत्तीसगढ़ी गौरव, माटी की सुगंध और सांस्कृतिक अस्मिता से सराबोर हो उठा।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सुआ नृत्य और राउत नाचा विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। सुआ नृत्य में बच्चियों ने पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा में मनमोहक लय-ताल के साथ नृत्य कर दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं। वहीं राउत नाचा में बच्चों ने छत्तीसगढ़ के कृषक वर्ग एवं यादव समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। प्रदर्शन के दौरान पूरा परिसर छत्तीसगढ़ की लोकधुनों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से उत्साहपूर्ण रहा।


छत्तीसगढ़ राज्योत्सव प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
विद्यालय परिसर में लगाई गई छत्तीसगढ़ राज्योत्सव प्रदर्शनी बच्चों और अभिभावकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसमें छत्तीसगढ़ के लोकपरंपराएँ, इतिहास, धार्मिक धरोहर, व्यंजन और पर्यटन स्थलों को सुंदर झाँकियों के रूप में प्रस्तुत किया गया।

प्रदर्शनी में प्रमुख रूप से—
छत्तीसगढ़ी व्यंजन: भाजी, बोरे बासी, ठेठरी, खुर्मी, चीला
लोक आभूषण: चांदी की करधन, बिंदोरी, पगड़ी

त्योहार झांकी: पोला तिहार, भैंसाझिरा, मातर पूजा

धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल: महामाया मंदिर रतनपुर, दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा, सिरपुर पुरातत्व धरोहर

प्राकृतिक एवं पर्यटन स्थल: जंगल सफारी, गंगरेल बांध, चित्रकोट झरना

इन झांकियों को देखकर उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने राज्य की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व व्यक्त किया।

संस्कार और संस्कृति से जोड़ना ही उद्देश्य: पाठक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डायरेक्टर आलोक पाठक ने कहा “छत्तीसगढ़ की संस्कृति हमारी पहचान है। आज की पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना, माटी की महक, लोक कला और परंपराओं का महत्व बताना ही इस राज्योत्सव का मुख्य उद्देश्य है। विद्यालय सदैव बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कृति और संस्कार से जोड़ने के लिए कार्यरत रहेगा।”

इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्रों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन स्कूली बच्चों ने छत्तीसगढ़ी भाषा में किया तथा आभार प्रदर्शन प्राचार्य संतोष सिंह क्षत्रिय ने किया।



