राख का कहर: एनटीपीसी सीपत बना ग्रामीणों के जीवन का दुश्मन!


सीपत का दर्द: राख की आंधी ने छीना चैन, शादी-ब्याह भी प्रभावित
एनटीपीसी सीपत प्लांट के 24 साल बाद भी विकास के सपने अधूरे, ग्रामीणों को केवल प्रदूषण और समस्याएं मिलीं।

राख से घिरी जिंदगी: न शादी-ब्याह, न रोजगार, गांव छोड़ने को मजबूर युवा
ग्राम रांक और आसपास के इलाकों में प्रदूषण ने ग्रामीणों को तोड़ा, नई पीढ़ी पलायन कर रही है।

आंदोलन की चेतावनी: मांगें पूरी न हुईं तो होगा बड़ा विरोध
ग्रामीणों ने रोजगार, शुद्ध पानी और राख से बचाव के लिए एक सप्ताह में ठोस कदम उठाने की मांग की।

स्वास्थ्य पर हमला: राख से फेफड़े खराब, बीमारियों से जूझ रहे लोग
प्लांट से उड़ती राख ने हवा, पानी और फसलों को जहरीला बनाया, जिससे ग्रामीण गंभीर बीमारियों की चपेट में।

प्रशासन और एनटीपीसी पर सवाल: समस्याओं का हल कब?
लगातार प्रदर्शन और शिकायतों के बावजूद कोई ठोस समाधान न होने से ग्रामीणों में रोष।

ग्रामीणों की चेतावनी: “अब नहीं रुकेगी आवाज़, बड़ा आंदोलन होगा!”
एनटीपीसी के खिलाफ ग्रामीणों की नाराजगी चरम पर, जल्द कार्रवाई की मांग।

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