मुंगेली न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला : नाबालिग से अनाचार करने वाले दो दोषियों को 10-10 वर्ष की सजा

मुंगेली। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) मुंगेली राकेश कुमार सोम ने एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाते हुए नाबालिग से अनाचार के मामले में दो आरोपियों को दोषी पाते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 9,000-9,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही पीड़िता को पाँच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की अनुशंसा भी की गई है।

प्रकरण के अनुसार सिटी कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम भदराली में आरोपी भूषण बर्मन पिता मलउवा बर्मन एवं विक्की ओगरे पिता राम ओगरे (दोनों निवासी भदराली) ने नाबालिग पीड़िता को जबरन खेत पर ले जाकर उसके साथ अनाचार किया था। घटना के पश्चात पीड़िता की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 372/2024 दर्ज किया गया था।

अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए तथा साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर न्यायालय ने यह मानते हुए कि अभियोजन की कहानी संदेह से परे प्रमाणित है, दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।

पीड़िता की ओर से अधिवक्ता मोतीलाल साहू ने पैरवी की। वहीं शासन की ओर से लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने मामले की प्रभावी पैरवी की और समय-समय पर विशेष लोक अभियोजकों से मार्गदर्शन प्राप्त कर अभियोजन को मजबूत किया। परिणामस्वरूप दोषियों को सजा दिलाने में सफलता मिली।

नगरवासियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह को बधाई दी और कहा कि उनके प्रयासों से ही न्यायालय में अभियोजन सफल हुआ है। नागरिकों का मानना है कि यदि दोषियों को इसी प्रकार कठोर सजा मिलती रही तो समाज में अपराध करने वालों पर अंकुश लगेगा और लोग किसी अपराध को करने से पहले कई बार सोचेंगे।

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