मुंगेली, 12 जनवरी 2024:
सरगांव के ग्राम रामबोड़ में संचालित कुसुम प्लांट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से साइलो निर्माण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दी है। यह निर्णय मुंगेली जिले के कलेक्टर राहुल देव ने कारखाना अधिनियम के तहत लिया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि साइलो के उपयोग को तब तक प्रतिबंधित रखा जाएगा, जब तक सुरक्षा मानकों और परीक्षण की पुष्टि नहीं हो जाती।
घटना का कारण और प्रशासनिक कदम
प्लांट में हाल ही में हुई दुर्घटना ने प्रशासन का ध्यान खींचा। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि साइलो निर्माण प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई थी। इस पर कलेक्टर ने उपसंचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को निर्देश दिया कि वे घटनास्थल का निरीक्षण करें और साइलो की उपयोगिता, सुरक्षा जांच, टेस्टिंग और अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
साथ ही, महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र और क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण संरक्षण मंडल को प्लांट की समग्र परिस्थितियों की जांच कर अपनी रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया। श्रम पदाधिकारी को भी निर्देशित किया गया है कि वह घटना का परीक्षण कर लेबर कोर्ट में मामला पेश करें, ताकि मृतकों के परिजनों को अधिकतम मुआवजा दिलाया जा सके।
पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा प्रबंधन
दुर्घटना के मद्देनजर पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटनास्थल को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में लिया गया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्लांट के भीतर और आसपास के क्षेत्रों में कोई अन्य जोखिम न हो। उन्होंने चेतावनी दी है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर रुख
जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्लांट में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी औद्योगिक गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को कड़ी निगरानी रखने और औद्योगिक प्रबंधन को सुरक्षा नियमों के अनुपालन के लिए सचेत किया है।
मृतकों के परिजनों को न्याय दिलाने का प्रयास
घटना में हुई हानि को देखते हुए प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। मुआवजा प्रक्रिया को तेज करने के लिए लेबर कोर्ट में प्रकरण प्रस्तुत करने की तैयारी हो रही है।
प्रशासन का संदेश:
कलेक्टर ने साफ तौर पर कहा कि जांच के बाद दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि श्रमिक सुरक्षा और औद्योगिक नियमों के पालन पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
निष्कर्ष
कुसुम प्लांट पर लगाई गई रोक ने प्रशासन के मजबूत इरादों को दर्शाया है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा और श्रमिक अधिकारों को सर्वोपरि रखते हुए यह कदम उठाया है। आगामी जांच प्रतिवेदन और त्वरित कार्रवाई यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।