
मुंगेली। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। सोमवार को कर्मचारियों ने आगर क्लब परिसर से कार एवं बाइक रैली निकालकर पुराना बस स्टैंड और दाऊपारा चौक होते हुए कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचने की योजना बनाई थी। इसके लिए तीन दिवस पूर्व एसडीएम कार्यालय में अनुमति हेतु आवेदन भी दिया गया था, किंतु प्रशासन ने रैली निकालने की अनुमति नहीं दी। प्रशासनिक रोक से नाराज कर्मचारियों ने आगर क्लब परिसर से ही रैली प्रारंभ की, जिसे आगे बढ़ने नहीं दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने परिसर में ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपनी नाराजगी जताई।


कर्मचारियों की 10 सूत्रीय प्रमुख मांगे
कर्मचारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में—
संविलियन एवं स्थायीकरण,
पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना,
ग्रेड पे निर्धारण,
लंबित 27% वेतन वृद्धि,
कार्य मूल्यांकन सीआर में पारदर्शिता,
नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण,
अनुकम्पा नियुक्ति,
मेडिकल व अवकाश सुविधा,
स्थानांतरण नीति,
10 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा शामिल हैं।
सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप

संविदा कर्मचारियों ने बताया कि बीते 20 महीनों में मुख्यमंत्री और मंत्रियों को 160 से अधिक बार आवेदन एवं ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 27% वेतन वृद्धि, मेडिकल अवकाश और ग्रेड पे पर स्वीकृति के बावजूद आदेश जारी नहीं किए गए हैं। कर्मचारियों ने जनता को हो रही असुविधा पर खेद जताते हुए आंदोलन का कारण सरकार की वादा खिलाफी और चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा न करना बताया।
16 हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर
एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों अमित दुबे और पवन निर्मलकर ने बताया कि प्रदेशभर में 16 हजार से अधिक संविदा कर्मचारी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों ने अब ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान की शुरुआत 29 अगस्त को रायपुर के तूता धरना स्थल से होगी, जहां सभी कर्मचारी एकजुट होकर आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप देंगे।
आंदोलन में भारी संख्या में कर्मचारी शामिल
मुंगेली में आयोजित आंदोलन में लगभग 350 से अधिक एनएमएच कर्मचारी और अधिकारी शामिल रहे। इस दौरान अमिताभ तिवारी, मनीष गुप्त, निमिष मिश्रा, दीनदयाल बंजारे, प्रवीण चतुर्वेदी, भावना, डॉ. अखिलेश बंजारे, डॉ. मीनाक्षी बंजारे, डॉ. ज्योति पांडेय, डॉ. रूपेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
कर्मचारियों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


