
मुंगेली।छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई है। लोरमी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेश पाटले के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लिखित शिकायत सौंपते हुए अभद्र भाषा, मां-बहन की गालियां देने, जान से मारने की धमकी और संगठन विरोधी गतिविधियों के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की गई है।

शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि बीते लगभग चार वर्षों के कार्यकाल में नरेश पाटले के नेतृत्व में लोरमी क्षेत्र में कांग्रेस संगठन लगातार कमजोर हुआ है। पंचायत, विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी को पराजय का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उनके व्यवहार और कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया। आरोप है कि बैठकों के दौरान वे कार्यकर्ताओं के साथ खुलेआम अपशब्दों और धमकियों का प्रयोग करते रहे, जिससे संगठन में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया।

स्थापना दिवस कार्यक्रम में हुआ विवाद
शिकायत में बताया गया है कि 28 दिसंबर को कांग्रेस स्थापना दिवस के अवसर पर मुंगेली स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विवाद की स्थिति बनी। कार्यक्रम में डिंडोरी ब्लॉक से आए किसान भाइयों को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई जा रही थी, इसी दौरान नरेश पाटले कथित तौर पर भड़क उठे। आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से मां-बहन की गालियां दीं और एक कार्यकर्ता का कॉलर पकड़कर “मर्डर कर दूंगा” जैसी धमकी दी। यह घटना कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुई, ऐसा शिकायतकर्ताओं का दावा है।
पहले भी की जा चुकी है शिकायत
कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस प्रकार के व्यवहार को लेकर पहले भी जिला स्तर पर शिकायत की जा चुकी है। उस समय समझाइश देकर मामला शांत कराया गया था, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। वर्तमान में संगठन के भीतर अपमान, भय और असंतोष की स्थिति और गहराती जा रही है।



अवैध गतिविधियों से जुड़ाव के आरोप
शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि नरेश पाटले का कथित तौर पर सट्टा-जुआ जैसी सामाजिक बुराइयों से जुड़ाव है तथा लोरमी क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को संरक्षण दिए जाने की चर्चाएं आम हैं। इससे कांग्रेस पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।
कार्यकर्ताओं की चार सूत्रीय मांग
कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने प्रदेश नेतृत्व के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं—
नरेश पाटले को तत्काल लोरमी ब्लॉक अध्यक्ष पद से हटाया जाए।
जनपद अध्यक्ष को “बेचने” जैसे आरोपों के कारण जिनके नेतृत्व में उम्मीदवार तक खड़े नहीं हो सके, उनकी भूमिका की समीक्षा की जाए।
कांग्रेस विचारधारा में विश्वास रखने वाले, शालीन, संघर्षशील और संगठन को जोड़ने वाले व्यक्ति को ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किया जाए।
दोषियों पर उचित एवं कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी
आवेदन में चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र और निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई, तो भय और अपमान के माहौल से तंग आकर कांग्रेस के कई समर्पित कार्यकर्ता संगठन से दूरी बना सकते हैं। इसकी नैतिक जिम्मेदारी पार्टी नेतृत्व की होगी।
शीर्ष नेतृत्व को कराया गया अवगत
कार्यकर्ताओं ने बताया कि इस पूरे मामले की जानकारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सह सचिव एवं छत्तीसगढ़ सह प्रभारी विजय जांगिड़ तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संगठन प्रभारी मलकीत सिंह को भी दी गई है। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि नरेश पाटले को पद से नहीं हटाया गया, तो वे सामूहिक इस्तीफा देने पर मजबूर होंगे।
जिले के नेतृत्व पर उठ रहे सवाल
पार्टी के भीतर यह सवाल भी जोर पकड़ रहा है कि जब सभी कथित गाली-गलौज और धमकियां जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में हो रही हैं, तो आखिर किस नेता के दबाव में कार्रवाई करने से परहेज किया जा रहा है।
अब देखना यह होगा कि प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है, या फिर अंदरूनी गुटबाजी यूं ही कांग्रेस संगठन को कमजोर करती रहेगी। पूरे प्रदेश की निगाहें अब कांग्रेस हाईकमान के अगले फैसले पर टिकी हुई



