खून से रंगा संपत्ति का मोह: भाई-भतीजों ने दी थी 10 लाख की सुपारी, लाश को रेत में दफन कर रचा था षड्यंत्र

मुंगेली। जिला पुलिस ने सेवानिवृत्त लेखापाल दामोदर राजपूत की हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए 11 आरोपियों और 4 नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। इस अंधे कत्ल का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतक का सगा भाई और करीबी रिश्तेदार ही निकले। आरोपियों ने करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए बाप-बेटे के बीच विवाद पैदा किया और फिर सुपारी देकर अपहरण के बाद हत्या करवा दी।


‘त्रिनयन एप’ और सीसीटीवी से मिला सुराग
घटना का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि 21 मार्च 2026 को ग्राम मनोहरपुर के पास दामोदर राजपूत (62 वर्ष) की लावारिस मोटरसाइकिल मिली थी। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के निर्देशन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल ने त्रिनयन एप के माध्यम से मुंगेली जिले के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स के कैमरों को खंगाला। जांच में एक संदिग्ध स्लेटी रंग की हुंडई ईऑन कार दिखाई दी, जिसका नंबर (CG 10 AC 8986) ट्रेस हुआ। वाहन मालिक से पूछताछ के बाद सुपारी किलर संजय यादव तक पुलिस पहुँच गई।


संपत्ति हड़पने का खूनी षड़यंत्र
पूछताछ में मुख्य आरोपी संजय यादव ने खुलासा किया कि मृतक के छोटे भाई रणजीत उर्फ मुन्ना राजपूत, साले पालेश्वर सिंह और चचेरे भाई रामपाल राजपूत ने हत्या के लिए 10 लाख रुपये और 50 डिसमिल जमीन की सुपारी दी थी। आरोपियों ने मृतक और उसके बेटे संजय के बीच दूरियां बढ़ा दी थीं और एक फर्जी नोटरी/वचनपत्र भी तैयार करवाया था, ताकि संपत्ति भाइयों और भतीजों के नाम हो सके।


हत्या कर नदी के रेत में दफनाई लाश
21 मार्च को आरोपियों ने दामोदर राजपूत को झाफल आने का झांसा दिया। रास्ते में गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई। शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी कवर्धा जिले के पंडरिया अंतर्गत देवसरा गांव पहुंचे और नदी के किनारे गड्ढा खोदकर लाश को रेत में दफन कर दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 29 मार्च को शव बरामद किया।


साधु बनने की अफवाह फैलाने का था प्लान
पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने मृतक का मोबाइल फोन प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) ले जाकर गंगा नदी में फेंक दिया था, ताकि पुलिस और परिजनों को लगे कि दामोदर राजपूत घर छोड़कर साधु बनने चले गए हैं।


जब्त सामग्री और धाराएं
पुलिस ने आरोपियों के पास से:
* नगद: 96,000 रुपये (सुपारी की रकम)
* वाहन: 01 हुंडई ईऑन कार, 01 स्पेशियों गोल्ड कार, 01 मोटरसाइकिल और 01 स्कूटी जब्त की है।
   थाना लालपुर में आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 61(2), 103(1), 140(2), 238 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।


गिरफ्तार मुख्य आरोपी:
रणजीत सिंह राजपूत (भाई), पालेश्वर राजपूत, रामपाल सिंह राजपूत, पराग सिंह, हेमंत राजपूत, अजय राजपूत, संजय यादव (सुपारी किलर), श्रवण उर्फ प्रिंस, योगेश गंधर्व, देवराज साहू और आशीष कारीकांत।

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