नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ बड़े बदलाव लागू, आम जनता पर सीधा असर

1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ देशभर में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। टैक्स सिस्टम से लेकर टोल, गैस, रेलवे और सैलरी स्ट्रक्चर तक कई नियमों में बदलाव किए गए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में कुछ राहत भरे फैसले भी सामने आए हैं।

टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव
आज से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू हो गया है, जिसने 1961 के पुराने आयकर कानून की जगह ले ली है। नए सिस्टम में टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब ‘वित्तीय वर्ष’ और ‘आकलन वर्ष’ की जगह केवल ‘टैक्स वर्ष’ लागू होगा।
गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है, जिससे करदाताओं को राहत मिलेगी।

टोल हुआ महंगा, कैश भुगतान बंद
नए नियमों के तहत देशभर के टोल प्लाजा पर अब कैश भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। टोल टैक्स केवल FASTag या UPI से ही देना होगा।
छत्तीसगढ़ के कई टोल प्लाजा में 5 से 20 रुपए तक की बढ़ोतरी भी की गई है, जिससे हाईवे पर सफर महंगा हो गया है।

PAN-KYC नियम सख्त
अब बैंकिंग, निवेश और टैक्स से जुड़े सभी लेनदेन में PAN और KYC अनिवार्य कर दिया गया है। बिना सत्यापन के ट्रांजैक्शन संभव नहीं होगा।
PAN कार्ड के लिए अब आधार के साथ जन्म प्रमाण पत्र या 10वीं की मार्कशीट भी जरूरी होगी।

रेलवे नियमों में बदलाव
ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियम सख्त कर दिए गए हैं। अब ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा। पहले यह सीमा 4 घंटे थी।
यात्री अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे।

कॉमर्शियल गैस महंगी
तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹218 तक की बढ़ोतरी की है। इसके बाद दिल्ली में कीमत ₹2078.50 और चेन्नई में ₹2246.50 हो गई है।
इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेवाओं पर पड़ेगा, जिससे खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं।

सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव
नए नियमों के अनुसार कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अब उनके कुल CTC का कम से कम 50% होना जरूरी होगा।
इससे EPF और ग्रेच्युटी में योगदान बढ़ेगा, हालांकि इन-हैंड सैलरी पर असर पड़ सकता है।

छत्तीसगढ़ में राहत और बदलाव
राज्य में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री सस्ती कर दी गई है, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी।
राशन दुकानों में अब तीन महीने का चावल एक साथ दिया जाएगा।
नई आबकारी नीति के तहत अब शराब प्लास्टिक बोतलों में बेची जाएगी।


नए वित्तीय वर्ष के साथ लागू ये बदलाव जहां एक ओर पारदर्शिता और व्यवस्था को मजबूत करेंगे, वहीं कई फैसलों का असर आम जनता की जेब पर भी साफ नजर आएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!