बायोमेडिकल वेस्ट में लापरवाही और अग्निसुरक्षा प्रमाणपत्र बगैर! मुंगेली की पांच पैथोलॉजी लैब्स पर गिरी गाज


बिना वैध अग्निसुरक्षा प्रमाणपत्र और बायोमेडिकल वेस्ट निपटान में लापरवाही, पांच पैथोलॉजी लैब्स को नोटिस जार


निरीक्षण में सामने आई गंभीर खामियां, सीएमएचओ के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई

मुंगेली। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2013 के तहत कलेक्टर के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के मार्गदर्शन में जिले की पांच प्रमुख पैथोलॉजी लैब्स का औचक निरीक्षण किया गया।


निरीक्षण टीम में डॉ. कमलेश कुमार (जिला नोडल अधिकारी, नर्सिंग होम एक्ट) और डॉ. रविशंकर प्रसाद देवांगन (जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी) शामिल रहे। टीम ने न्यू एस.के. पैथोलॉजी (मुंगेली), ए.बी. पैथोलॉजी लैब (बिलासपुर रोड), वेलनेस केयर थायरॉइड एंड हेल्थ सर्विसेस, रिलायबल पैथोलॉजी लैब कलेक्शन सेंटर और आरोग्यम पैथोलैब की गहन जांच की।

निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाली लापरवाहियाँ सामने आईं — कुछ लैब्स के अग्निसुरक्षा प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो चुकी थी और बायोमेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निपटान में घोर अनियमितता पाई गई। कई लैब्स ईनवायरो केयर संस्था से जुड़ी निपटान प्रक्रिया का भी पालन नहीं कर रही थीं।



इन गंभीर खामियों पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सभी लैब संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे जल्द से जल्द अग्निसुरक्षा प्रमाणपत्र का नवीनीकरण करें और बायोमेडिकल वेस्ट निपटान की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित लैब्स पर छत्तीसगढ़ राज्य अधिनियम 2013 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की इस सख्ती से जिले में निजी लैब्स की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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