सामाजिक समरसता के प्रतीक गुरु घासीदास बाबा की जयंती पर संघ ने किया पूजन, समाज को दिया एकता और सद्भाव का संदेश

मुंगेली। गुरु घासीदास बाबा की जयंती के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवकों ने नगर के जय स्तंभ पर उनके चित्र के समक्ष विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों और शिक्षाओं का स्मरण करते हुए सभी अनुयायियों व संपूर्ण मानव समाज को गुरु पर्व की शुभकामनाएं दीं।

स्वयंसेवकों ने हिंदू समाज में व्याप्त छुआछूत, जातिगत भेदभाव और अन्य कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष का संकल्प लेते हुए सामाजिक समरसता और एकता के महत्व पर बल दिया। संघ के स्वयंसेवकों का कहना था कि बीते 100 वर्षों से संघ का उद्देश्य समाज में सामाजिक सद्भाव स्थापित करना और एक संगठित हिंदू समाज का निर्माण करना रहा है।


जय स्तंभ पर आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हुए। पूजन-अर्चन के दौरान स्वयंसेवकों ने एक स्वर में कहा कि गुरु घासीदास बाबा का जीवन समाज में समरसता, समानता और मानवता की स्थापना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में सभी लोग एक-दूसरे के साथ आत्मीयता और भाईचारे का भाव रखेंगे, तब तक मानवता जीवित रहेगी और यही सच्चा हिंदुत्व है।



इस अवसर पर संदीप ताम्रकार ,आकाश परिहार, रामावतार साहू यशवंत सिंह, आकाश सोनी नंदकुमार जायसवाल पुहुप राम साहू राजेंद्र राजपूत अतुल रोहरा, विक्रम देवांगन साहू, अतुल साहू और अनेक स्वयंसेवक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन गुरु घासीदास बाबा के जयकारों के साथ हुआ।
“जय सतनाम” के उद्घोष के साथ स्वयंसेवकों ने गुरु घासीदास बाबा के आदर्शों पर चलने और सामाजिक समरसता के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

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