ब्रेकिंग न्यूज

भूखमरी और कुपोषण के खिलाफ जन जागरूकता सबकी ज़िम्मेदारी :- त्रिलोक कोशले

संपादक/ अभिलाष सिंह, मुंगेली

भूखमरी और कुपोषण के खिलाफ जन जागरूकता सबकी ज़िम्मेदारी :- त्रिलोक कोशले
“राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के बैनर तले विश्व खाद्य दिवस संपन्न”

लोरमी:- दशरथ लाल अमरीका बाई आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंधवा विकास खंड लोरमी जिला मुंगेली में विश्व खाद्य दिवस मनाया गया।
संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व खाद्य दिवस पर इस वर्ष का “थीम” *बेहतर जीवन और बेहतर भविष्य के लिए भोजन का अधिकार* नाम दिया है। जिसके परिपेक्ष्य में उपस्थित छात्र छात्राओ को विस्तार पूर्वक बताया गया।
खाद्य दिवस पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक छात्र-छात्राओं द्वारा ग्राम भ्रमण करते हुऐ खाद्य पदार्थों के संबंध में एक से बढ़कर एक प्रेरणादायक स्लोगन का वाचन करते हुए लोगों को प्रोत्साहित किया गया।
इसके पश्चात् स्कूल संचालक त्रिलोक कोशले ने बताया कि इस कार्यशाला को करने का उद्देश्य यह है कि भूखमरी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना,खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना,खाद्य संकट के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना और भूखमरी के खिलाफ कदम उठाने के लिए जागरूक करना।
देश के कोई भी व्यक्ति भुखमरी और कुपोषण का शिकार ना हो इसके लिए देश के संसद ने संविधान में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 को लागू किया है।
हमारे प्रदेश में विश्व खाद्य दिवस को सशक्त बनाने में पीडीएस यानी पब्लिक डिस्ट्रीबव्यूशन सिस्टम का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान है।
आज प्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति को इस सिस्टम के माध्यम से नि:शुल्क चावल दिया जा रहा हैं जो अपने आप में अद्वितीय है।
अंतराष्ट्रीय खाद्य दिवस पर प्राचार्य चंद्रशेखर कोशले ने बताया कि भोजन को जीवन का आधार कहा जाता है। इसके बावजूद लाखों लोग रोजाना भूखे पेट सोते हैं। यह एक ऐसा सच है जिसे हम नजरअंदाज नहीं कर सकते,इसलिए प्रत्येक वर्ष 16 अक्टूबर को विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य दुनिया को याद दिलाना है कि भोजन सिर्फ एक जरूरत नहीं, बल्कि हर एक व्यक्ति का अधिकार है।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी गोविंदा नवरंग ने बताया कि खाद्य पदार्थों के भविष्य में सबसे आम कारण फसल की विफलता और जलवायु परिवर्तन हैं। जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप,कुछ क्षेत्र कृषि के लिए कम और कम उपयुक्त होते जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर भूखमरी बढ़ती है और इसका वैश्विक कीमतों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
कार्यक्रम में व्याख्याता शिक्षिका सेवती साहू,विरेंद्र साहू,गजेंद्र गर्ग, राखी नेताम,राजीव कोशले,मधु मिरी,धनेश्वरी खांडे,मासूम कोशले,स्वयंसेवक छात्र-छात्राऐ क्रमशःचंद्रशेखर,किरण, सुखचरण,लुसेन,आकाश,रंजीता साहू,रंजीता खांडे,शिल्पी जांगड़े,झरना यादव,देवराज यादव,करीना टोंडे,दीपिका साहू,प्रियंका यादव,आदित्य,सचिन,आशीष,नवीन डाहिरे,निर्भय,रेणुका,अनामिका, अंजुला,विराट,विवेक,कामनी,लेशमा अमरप्रकाश,हितेश,पूनम,निधि, दिलीप,प्रेमलता,दुर्गा,धर्मेश इत्यादि लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!