
मुंगेली।
नगर पंचायत सरगांव में विकास कार्यों के लिए जारी की गई टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। नगर पंचायत के कई पार्षदों ने संयुक्त रूप से कलेक्टर मुंगेली को ज्ञापन देकर ई-टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। पार्षदों का कहना है कि नगर में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 12 दिसंबर 2025 से 19 दिसंबर 2025 के बीच टेंडर आमंत्रित किए गए, लेकिन पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के मानकों पर खरी नहीं उतरती।

शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि टेंडर की सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। नियम के अनुसार टेंडर की जानकारी समाचार पत्रों, सूचना पटल और ऑनलाइन माध्यमों से पर्याप्त समय के लिए सार्वजनिक की जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे स्थानीय एवं योग्य ठेकेदारों को समय पर जानकारी नहीं मिल सकी और वे प्रक्रिया में शामिल होने से वंचित रह गए।
पार्षदों ने आरोप लगाया है कि टेंडर प्रक्रिया को सीमित दायरे में रखकर कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। इससे न केवल प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई, बल्कि नगर पंचायत में होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता और लागत पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो इससे शासन की मंशा और जनता के विश्वास को ठेस पहुंचेगी।

इस पूरे मामले में जब नगर पंचायत सरगांव के मुख्य नगर पालिका अधिकारी से इस संबंध में बात की गई, तो उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष और पार्षदों द्वारा की गई शिकायत के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह उस समय “sir की सुनवाई” में व्यस्त थे, इसलिए इस विषय में विस्तृत जानकारी नहीं दे पाएंगे। उनके इस बयान को लेकर वे सीधे तौर पर पल्ला झाड़ते हुए नजर आए।
पार्षदों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की गई है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि भविष्य में नगर पंचायत सरगांव में सभी टेंडर शासन के नियमों के अनुरूप, पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ जारी किए जाएं, ताकि नगर विकास कार्य सुचारु रूप से और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें।
मामले के उजागर होने के बाद नगर की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, वहीं अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


