
प्रदेश में समय से पहले दस्तक दे रही सर्दी का तेज असर
मुंगेली।
इस साल नवंबर में प्रदेशभर में समय से पहले शुरू हुई कड़ाके की ठंड का सीधा असर मुंगेली जिले में भी दिखाई दे रहा है। उत्तरी हवाओं के कारण तापमान तेजी से गिरते हुए शनिवार–रविवार को जिले का न्यूनतम पारा 10–11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से काफी नीचे है। अचानक बढ़ी सर्दी से सुबह–शाम ठिठुरन तेज हो गई है और लोगों ने गरम कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
उत्तरी हवाओं का असर मुंगेली में भी साफ
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के बाद तेज उत्तरी हवाएं मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रही हैं। इसका सीधा प्रभाव मुंगेली में देखने को मिल रहा है, जहां रात का तापमान लगातार गिरावट दर्ज कर रहा है। आगामी तीन दिनों तक प्रदेश में शीतलहर की स्थिति रहने का पूर्वानुमान है, जिससे तापमान में और गिरावट संभव है।
प्रदेशभर में रिकॉर्ड तोड़ गिरावट
राजधानी रायपुर से लेकर सरगुजा और उत्तर छत्तीसगढ़ के हिस्सों में तापमान 10 साल के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए सामान्य से कई डिग्री नीचे पहुंच चुका है। अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान जहां 6.2 डिग्री पर पहुंच गया है, वहीं रायपुर में भी न्यूनतम पारा 13.8 डिग्री दर्ज हुआ। इसी क्रम में मुंगेली भी इस बार नवंबर के मध्य में असामान्य सर्दी का सामना कर रहा है।
लोगों में सर्दी का अहसास बढ़ा
नवंबर के मध्य में ही पारा 10–11 डिग्री पर पहुंच जाने से जिलेवासियों में कड़ाके की ठंड का अहसास बढ़ गया है। सुबह के समय कोहरा और तेज हवा के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने भी बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है ठंड
मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले 48–72 घंटों में उत्तर–मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में शीतलहर जारी रह सकती है। ऐसे में मुंगेली का तापमान भी 1–2 डिग्री और नीचे जा सकता है।


