
गो रक्षा, सनातन धर्म और यूजीसी नियमों को लेकर उठाए सवाल, आवाज दबाने के आरोप
बिलासपुर। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को बिलासपुर में केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को दबाने के लिए हिस्ट्रीशीटरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
शंकराचार्य बेमेतरा में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद लौटते समय बिलासपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान सत्तारूढ़ दलों की नीतियों पर सवाल उठाए।

गो रक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से इसे उठा रहे हैं, लेकिन सरकारें इस दिशा में गंभीर नहीं हैं। उनके अनुसार इस संवेदनशील विषय का केवल राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
सनातन धर्म को लेकर उन्होंने कहा कि इसे बाहरी ताकतों से नहीं, बल्कि अंदर मौजूद ऐसे तत्वों से खतरा है जो इसे कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने इसे “आंतरिक चुनौती” बताया।

यूजीसी के नए नियमों पर भी शंकराचार्य ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे समाज को बांटने वाला बताते हुए वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह के नियम सामाजिक एकता को प्रभावित कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तय समय में वे अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे और वहां केवल वोट की राजनीति हो रही है।
इस दौरान उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल आलोचनात्मक आवाजों को दबाने के लिए आपराधिक तत्वों का सहारा ले रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है।


