
मुंगेली, 31 जुलाई 2025// आगामी रक्षाबंधन त्यौहार को देखते हुए जिले में खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने हेतु मिलावटी और नकली खाद्य सामग्री के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार एसडीएम मुंगेली पार्वती पटेल द्वारा गठित खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।
अभियान के तहत टीम ने जिला मुख्यालय में वैष्णव मिष्ठान्न भंडार, विष्णु हॉटल पड़ाव चौक, श्रीराम हॉटल एंड स्वीट्स, चंद्रशिखा हॉटल दाउपारा, जोधपुरी स्वीट्स बालानी चौक और जायसवाल खोवा भंडार फास्टरपुर में खोवा, कुंदा, मिल्क केक, पनीर जैसे दुग्धजन्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता की जांच की। लूज छेना रसगुल्ला, यूज्ड कुकिंग ऑयल और लूज पेड़ा के नमूने लेकर जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजे गए।
खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों व होटल संचालकों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटने व परोसने पर सख्त मनाही की गई। साथ ही परिसर में सफाई रखने, हैंड ग्लव्स एवं कैप का उपयोग करने, खाद्य वस्तुओं को ढककर रखने और स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि पूर्व में पाए गए अमानक खाद्य मामलों में कार्रवाई करते हुए न्यू साहू जलपान गृह चंद्रखुरी, शिव बाबा श्याम फैमिली ढाबा सरगांव, संगी रेस्टोरेंट पथरिया, मारुति किराना एंड जनरल स्टोर्स पथरिया सहित अन्य प्रतिष्ठानों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि त्योहारों के अवसर पर मिठाई एवं अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी निर्माण विधि, समाप्ति तिथि अवश्य जांचें और केवल प्रमाणित दुकानों से ही खाद्य सामग्री लें, ताकि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम से बचा जा सके। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी पुष्पा खाखा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कई दुकानें अब भी प्रशासनिक जांच से बाहर, त्योहार के मौसम में बढ़ सकता है खतरा
हालांकि प्रशासनिक कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन शहर की कई दुकानें अब भी इस निरीक्षण से बाहर हैं। मुख्य सड़कों के अलावा मोहल्लों और गली-कूचों में चल रहे कई छोटे-बड़े मिठाई एवं खाद्य दुकानों में गुणवत्ता की कोई जांच नहीं हुई है। इन दुकानों पर बिकने वाले खोवा, पनीर, पेड़ा, नमकीन आदि की गुणवत्ता संदिग्ध प्रतीत होती है, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
जनमानस का कहना है कि त्योहारों के मौसम में खाद्य सामग्रियों की मांग तेजी से बढ़ जाती है, ऐसे में मिलावटखोरी की संभावनाएं भी अधिक होती हैं। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह समय रहते इन दुकानों की भी जांच करे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि नागरिकों को सुरक्षित व शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।


