

मुंगेली। जिले में लंबे समय से पुलिस और अदालतों की आंखों में धूल झोंक रहे स्थायी वारंटियों पर आखिरकार पुलिस का शिकंजा कस गया। भोजराम पटेल के सख्त निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन बाज’ के तहत पुलिस ने महज 5 दिनों में 41 फरार स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया।यह कार्रवाई न सिर्फ जिले में कानून व्यवस्था की मजबूती का संदेश है, बल्कि उन अपराधियों के लिए भी चेतावनी है जो वर्षों से फरार चल रहे थे।

जेल ब्रेक आरोपी भी नहीं बच सका पुलिस की नजर से
थाना सिटी कोतवाली मुंगेली पुलिस ने वर्ष 2019 में जिला जेल से फरार हुए कुख्यात स्थायी वारंटी इंदल उर्फ इंद्रध्वज को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। इसके अलावा चोरी, मारपीट और अन्य गंभीर मामलों में शामिल कई आरोपियों को भी दबोचा गया।

रायपुर-बिलासपुर तक चला पुलिस का शिकंजा
इस अभियान के तहत पुलिस ने केवल मुंगेली ही नहीं बल्कि रायपुर और बिलासपुर में छिपे वारंटियों को भी गिरफ्तार कर संबंधित न्यायालयों में पेश किया। साइबर सेल की तकनीकी सहायता और मुखबिरों की सटीक सूचना के आधार पर आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली।

थाना-वार गिरफ्तारी का आंकड़ा
पुलिस की संयुक्त टीम ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों से वारंटियों को गिरफ्तार किया, जिनमें प्रमुख रूप से:
सिटी कोतवाली मुंगेली – 15
लोरमी – 07
पथरिया – 05
सरगांव – 05
जरहागांव – 04
लालपुर – 02
चिल्फी – 01
साकेत चौकी – 01
खुडिया – 01

वहीं 2 वारंटियों की मृत्यु होने के कारण वारंट अदम तामिल रहा।
पुलिस की सख्त चेतावनी – “कोई भी फरार आरोपी नहीं बचेगा”
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी और उप पुलिस अधीक्षक हरविन्दर सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने लगातार दबिश देकर यह बड़ी सफलता हासिल की।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जिले में फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
जिले के अपराधियों में बना डर का माहौल, अपराधियों में हड़कंप
‘ऑपरेशन बाज’ की इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के अपराधियों में हड़कंप मच गया है। वर्षों से फरार आरोपी अब पुलिस के डर से छिपते फिर रहे हैं। पुलिस की इस सख्ती से आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।



