
मुंगेली। शालेय शिक्षक संघ छत्तीसगढ़ ने राज्य सरकार द्वारा बजट में शासकीय कर्मचारियों के लिए घोषित कैशलेस चिकित्सा सुविधा का स्वागत करते हुए आभार जताया है। संघ ने इसे कर्मचारियों के हित में सकारात्मक कदम बताया, वहीं योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए हैं।
संघ के जिलाध्यक्ष दीपक बेंताल ने कहा कि शासकीय सेवकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा स्वागत योग्य है। इससे आकस्मिक परिस्थितियों में कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि योजना का वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा, जब इसके नियम एवं शर्तों को स्पष्ट रूप से सार्वजनिक किया जाए तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
संगठन सचिव नेमीचंद भास्कर ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा की अवधारणा सराहनीय है, लेकिन इसकी सफलता इसके सुचारू क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर कर्मचारियों के लिए अलग से “कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा कार्ड” जारी किया जाए। इससे प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त हो सकेगी तथा तकनीकी बाधाओं और अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा।
वहीं ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गेश देवांगन ने बजट में पेंशन से जुड़े मुद्दों पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षक एलबी संवर्ग की पूर्व सेवा की गणना नहीं किया जाना कर्मचारियों की अपेक्षाओं के विपरीत है। यह विषय लंबे समय से लंबित है और शिक्षकों को इस बजट में इस पर स्पष्ट निर्णय की उम्मीद थी। उन्होंने राज्य सरकार से पूर्व सेवा की गणना कर पेंशन संबंधी विसंगतियों का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
संघ ने अंत में कहा कि कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार सकारात्मक पहल करे और घोषित योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासकीय सेवकों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।


