घातक बीमारी से जंग जीतने वाली महिला ने पदमपुर स्वास्थ्य केंद्र में किया ध्वजारोहण, महिला सशक्तिकरण की बनी मिसाल

मुंगेली। 79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पदमपुर ने राष्ट्रीय पर्व को अनोखे अंदाज में मनाकर इतिहास रच दिया। इस बार समारोह की मुख्य अतिथि बनीं नट समुदाय की महिला रूखमणी नट, जिन्होंने टीबी जैसी घातक बीमारी से जंग जीतकर न केवल खुद को स्वस्थ किया, बल्कि अपने समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का बीड़ा उठाया।


आयुष्मान आरोग्य मंदिर पदमपुर की इस पहल को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने खुले दिल से सराहा। डॉ. मनीष बंजारा ने रूखमणी नट को समारोह की मुख्य अतिथि बनाकर ध्वजारोहण कराया, जिससे महिला सशक्तिकरण और रोगों के खिलाफ जागरूकता का सशक्त संदेश गया।


नट समुदाय में प्रचलित पारंपरिक इलाज के बजाय रूखमणी ने सरकारी अस्पताल से उपचार लेकर टीबी को मात दी। आज वह अपने समुदाय के लोगों को अस्पताल में उपचार लेने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रही हैं।


कार्यक्रम में भारत माता की पूजा, झंडे की आराधना, नारियल फोड़कर ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और जयकारों के साथ मिठाई वितरण हुआ। इस अवसर पर जनपद सदस्य गोविंद मोहले, सरपंच अनिल जायसवाल, विनय यादव, हॉस्पिटल स्टाफ मिथलेश राठौर, सुनीता मिरी, जलेश्वरी मिरी, मोनिका, सुधा, दिवाकर साहू, त्रिवेणी मरकाम मितानिन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

इस पहल की पूरे जिले में चर्चा है और यह छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है, जिससे सरकारी अस्पताल के प्रति लोगों की झिझक कम हो रही है।

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