
लोग बोले— आपदा की बैठक पहले, तैयारी बाद में; नदी ने भी कर ली “सेल्फ सर्विस” सफाई!
मुंगेली। लगातार हो रही बारिश के बीच शहर में जगह-जगह जलभराव और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में छतों से पानी टपकने की चर्चाएं आम हो गई हैं। चौराहों और चाय की दुकानों पर लोग इन हालात को लेकर व्यंग्यात्मक अंदाज में अपनी राय रखते नजर आ रहे हैं।
चाय पर चर्चा के दौरान लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले आपदा प्रबंधन और तैयारियों को लेकर बैठकें तो होती हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही सड़कों पर पानी भर जाता है और कई सरकारी भवनों में पानी का रिसाव देखने को मिलता है। लोगों का तंज है कि “लगता है बैठकें तैयारी के लिए नहीं, बल्कि बारिश का इंतजार करने के लिए होती हैं।”
नदी की सफाई को लेकर भी लोगों ने व्यंग्य किया। चर्चा में कहा गया कि “एक दिन नदी की सफाई हुई, उसकी खबर भी छपी, फिर बाकी सफाई नदी ने खुद ही बारिश के पानी से कर ली। शायद नदी को भी प्रशासन की व्यवस्था पर भरोसा नहीं रहा।”
हालांकि यह बातें नागरिकों के बीच हो रही चर्चाओं और व्यंग्यात्मक टिप्पणियों का हिस्सा हैं। वास्तविक स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों का आकलन संबंधित विभाग ही स्पष्ट कर सकता है।


