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रायपुर मेडिकल कॉलेज में फिर रैगिंग, दो छात्र निलंबित

रायपुर। रायपुर मेडिकल कॉलेज में नौ वर्ष बाद एक बार फिर रैगिंग की घटना सामने आई है। एमबीबीएस द्वितीय वर्ष 2023 बैच के छात्रों द्वारा प्रथम वर्ष के छात्रों का वाट्सएग्रुप बनाकर जूनियर लड़कियों की फोटो मांगी जा रही थी। इस पर दो छात्रों दीपराज वर्मा और अंशु जोशी को 10 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है।

दरअसल, प्रथम वर्ष के छात्रों के प्रवेश के बाद लगभग 20 दिनों पहले ही नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत हुई है। वहीं, प्रवेश के बाद द्वितीय वर्ष के छात्रों द्वारा लड़कियों की फोटो मांगने, सभी छात्रों को बाल एकदम बारीक यानी कि मुंडवाकर रखने, कॉलेज परिसर में फिट कपड़े न पहनने, सामान्य बैग टांगने, ज्यादा स्टाइलिश तरीके के जूते नहीं पहनने जैसी बातें बोली जा रही थी।

वहीं, इस मामले की शिकायत स्वजनों द्वारा नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) से की गई थी। साथ ही इंटरनेट मीडिया में भी इस तरह की शिकायतें पोस्ट कर उन्हें एनएमसी को टैग किया गया था, जिसके बाद उक्त कार्रवाई की गई है।

मामले की शिकायत आई थी। जिसकी जांच करवाई और डाक्टरों की टीम भेजकर जांच भी करवाई गई, जिसके बाद काफी हद तक शिकायत सही पाई गई और दो छात्रों पर कार्रवाई की गई है। डॉ विवेक चौधरी, डीन, रायपुर पं जेएनएम कॉलेज

इससे पूर्व 2015 में आई थी शिकायत
इससे पूर्व रायपुर मेडिकल कालेज में 2015 में ही इसकी शिकायत आई थी। जिसमें फ्रेशर पार्टी पर प्रतिबंध के बावजूद क्लास में बुलाकर छात्रों से फ्रेशर पार्टी के संदर्भ में चर्चा की थी, जिसे आधार मानकर 86 छात्रों को एक माह के लिए निलंबित कर दिया गया था। वहीं, 2022 में डेंटल कालेज में भी रैगिंग की घटना सामने आई थी, जिसके बाद तीन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।

मामले को दबाने का चलता रहा प्रयास
आईएमए के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने बताया कि इस मामले की शिकायत एक महीने पहले से ही छात्र कर रहे थे, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जब इसकी शिकायत एनएमसी से की गई और सभी को शिकायत के साथ टैग किया गया, तब जाकर कालेज प्रबंधन ने इस पर संज्ञान लिया और कार्रवाई की है। वहीं, इस मामले के बाद सीनियर छात्रों द्वारा और भी धमकी दिए जाने की बात भी सामने आ रही है।

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