शासन की अनदेखी पर पटवारी संघ का बड़ा कदम, ऑनलाइन कार्य हुए बंद

मुंगेली। छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ ने संसाधन और संसाधन भत्ता को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। संघ की प्रांतीय बैठक 27 जुलाई को नई लेदरी, मनेंद्रगढ़ में आयोजित की गई थी, जिसमें सर्वसम्मति से तय किया गया कि यदि शासन ने 15 अगस्त तक संसाधन और संसाधन भत्ता उपलब्ध नहीं कराया तो 16 अगस्त से समस्त पटवारी भू-अभिलेख के ऑनलाइन कार्य बंद कर दिए हैं।



संघ का कहना है कि वर्ष 2017 से भुइंया और भूनक्शा जैसे सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन कार्य संचालित हो रहे हैं। बी-1, खसरा नक्शा, नामांतरण सहित कृषि व सरकारी भूमि की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध है। वहीं, शासन की योजनाओं जैसे एग्री स्टैक, जियो रिफ्रेशिंग, कृषि संगगना आदि कार्य भी पटवारियों द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से संपादित किए जा रहे हैं। लेकिन इसके लिए आवश्यक संसाधन — कंप्यूटर, इंटरनेट, मोबाइल और सुसज्जित कार्यालय की सुविधा अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।

संघ ने आरोप लगाया कि संसाधन भत्ता देने की घोषणा और बजट में प्रावधान होने के बावजूद आज तक आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे नाराज़ होकर पटवारी संघ ने यह कदम उठाया है।

जिला अध्यक्ष को. किशन महिलांग ने बताया कि जिले के सभी पटवारियों ने कलेक्टर कार्यालय को ज्ञापन सौंपते हुए 16 अगस्त से ऑनलाइन कार्य बंद करने का निर्णय लिया है। प्रांतीय सचिव निर्मल साहू ने कहा कि यह मांगें पुरानी हैं और कई बार ज्ञापन देने के बाद भी शासन ने ध्यान नहीं दिया। मजबूरी में पुनः ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार करना पड़ रहा है। जब तक शासन की ओर से लिखित आदेश जारी नहीं होंगे, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।

👉 इसका सीधा असर आम नागरिकों को मिलने वाली ऑनलाइन सेवाओं पर पड़ सकता है।

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