
रायपुर। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में शराब की खपत में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ती गर्मी और उमस के बीच आबकारी विभाग के खजाने में रिकॉर्ड स्तर पर राजस्व आ रहा है। हाल ही में जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 22 अप्रैल को प्रदेशवासियों ने महज 24 घंटे के भीतर 41 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक की शराब खरीदी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23.3 प्रतिशत अधिक है।
जिलेवार आंकड़ों में रायपुर एक बार फिर शीर्ष पर रहा, जहां एक दिन में 7.39 करोड़ रुपए की शराब बिक्री दर्ज की गई। इसके बाद दुर्ग में 5.09 करोड़ रुपए और बिलासपुर में 3.71 करोड़ रुपए की बिक्री हुई। बड़े शहरों में लंबे समय से बनी मांग के बीच इस वर्ष के आंकड़ों ने विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है।
छोटे जिलों में तेज़ रफ्तार से बढ़ी खपत
रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू छोटे और दूरस्थ जिलों से सामने आया है। कोरिया जिला में पिछले वर्ष की तुलना में 78.4 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, माओवाद प्रभावित सुकमा जिला में 74 प्रतिशत और सूरजपुर जिला में 65.9 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। हालांकि नारायणपुर जिला और बीजापुर जिला जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंच सीमित होने के कारण बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है।
अप्रैल में 8 अरब से अधिक का कारोबार
वित्तीय वर्ष शुरू हुए अभी एक माह भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन 22 अप्रैल तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 8 अरब 66 करोड़ रुपए से अधिक की शराब बिक्री हो चुकी है।
बिक्री बढ़ने के प्रमुख कारण
एक अप्रैल से दुकानों पर कई नए विदेशी और देशी ब्रांड उपलब्ध कराए गए हैं। भीषण गर्मी के चलते बीयर और अन्य मदिरा की मांग बढ़ी है। इसके अलावा शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन ने भी खपत को बढ़ावा दिया है।
आबकारी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ्तार जारी रही, तो चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक राजस्व के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं।


