“ग्यापन की राजनीति या ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क? — बदलती नेतागिरी पर बड़ा सवाल”
प्रदेश में इन दिनों एक नई तरह की “नेतागिरी” चर्चा में है। यह नेतागिरी दो रूपों में सामने आ रही है—एक बिना किसी पद के दबाव बनाकर काम निकालना, और दूसरी किसी संगठन या पद का सहारा लेकर विभागों में ग्यापन सौंपना, जांच की मांग करना और फिर चुपचाप “सेटलमेंट” कर लेना। सवाल यह उठ…

