
मुंगेली।
बी.आर.एस.एम. कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग मुंगेली में 7 नवंबर 2025 को राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ छात्रों एवं शिक्षकों द्वारा “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन से किया गया, जिससे परिसर देशभक्ति की भावना से गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं कॉलेज के डीन डॉ. जितेन्द्र सिन्हा ने अपने संबोधन में “वंदे मातरम्” की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह गीत केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, आत्मसम्मान और त्याग की भावना का प्रतीक है, जिसने आज़ादी की लड़ाई में जन-जन में ऊर्जा भरी।

इसके बाद कॉलेज के चौथे वर्ष के छात्र-छात्रा शिवानी गोंडी और हर्षित राज ने अपने विचार रखते हुए युवाओं में राष्ट्रप्रेम और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। दोनों वक्ताओं ने युवाओं से देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर कार्यक्रम संयोजक ई. अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि “वंदे मातरम्” उस दौर में क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा की ध्वजपंक्ति था, जिसने स्वतंत्रता की लौ को जलाए रखा। उन्होंने सभी छात्रों से राष्ट्रहित में सकारात्मक योगदान देने की अपील की।
इस अवसर पर कॉलेज के सभी प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन देशभक्ति के नारों और उत्साहपूर्ण वातावरण के साथ हुआ।


