
मुंगेली। मुंगेली जिले के ग्राम सिपाही में सेतगंगा मार्ग पर प्रस्तावित सरकारी शराब दुकान खोले जाने के विरोध में ग्रामीणों का भारी असंतोष सामने आया है। ‘ग्राम सिपाही कल्याण युवा मोर्चा’, जिला मुंगेली के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और स्कूली बच्चों ने एकजुट होकर जिला कलेक्टर, आबकारी अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें दुकान के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है।

‘सुरक्षा की भिक्षा’ का नारा लगाते पहुंचे बच्चे
ज्ञापन सौंपने के दौरान एक बड़ा समूह उपस्थित रहा, जिसमें सबसे ज्यादा ध्यान स्कूली बच्चों ने खींचा। ये बच्चे हाथ में तख्तियां लिए “सुरक्षा की भिक्षा” का नारा लगाते हुए प्रदर्शन में शामिल हुए। सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि यह कदम न केवल ग्राम की सामाजिक व्यवस्था को बिगाड़ेगा, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य पर भी ‘प्रतिकूल प्रभाव’ डालेगा।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम सिपाही को सेतगंगा से जोड़ने वाला यह मुख्य मार्ग है, जिससे रोजाना 200 से 250 बच्चे-बच्चियां, महिलाएं एवं ग्रामीण बाजार और बैंक के कार्यों के लिए आवाजाही करते हैं। ग्रामीणों ने तर्क दिया कि ऐसे व्यस्त मार्ग पर शराब दुकान खुलने से महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक वातावरण और शांति व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।
विरोध कर रहे ग्रामीणों ने मांग की है कि पूर्व में भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा इस प्रस्ताव का विरोध किया गया था, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

उन्होंने प्रशासन को अपनी तीन सूत्रीय प्रमुख मांगें सौंपी हैं:
.ग्राम सिपाही–सेतगंगा मार्ग पर प्रस्तावित शराब दुकान को तत्काल निरस्त किया जाए।
.ग्रामीणों की सुरक्षा और सामाजिक भावना का ध्यान रखते हुए दुकान का .स्थान किसी निजी या आबादी रहित क्षेत्र में निर्धारित किया जाए।
उच्चस्तरीय जांच कर आबकारी विभाग को ग्रामसभा की अनुमति के बिना दुकान न खोलने के निर्देश दिए जाएं।
ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल विचार नहीं किया गया और शराब दुकान का प्रस्ताव निरस्त नहीं किया गया, तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।


