
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 25 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। खरीद केंद्रों में किसानों की सुविधा के लिए व्यापक तैयारी की गई है।
इधर, धान खरीदी के पहले ही दिन सहकारी समितियों के कर्मचारियों की चार सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही हड़ताल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी। इसके बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पूरे प्रदेश में एस्मा (Essential Services Maintenance Act) लागू कर दिया है।

गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि धान खरीदी अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई कर्मचारी खरीदी कार्य में शामिल होने से इंकार करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने कहा है कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और धान खरीदी की प्रक्रिया हर हाल में निर्बाध और सुचारू रूप से संचालित की जाएगी। गृह विभाग ने सभी कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यस्थल पर तत्काल लौटने के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन न करने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
धान खरीदी शुरू होते ही केंद्रों में किसानों की आवाजाही बढ़ने लगी है। अब देखना होगा कि हड़ताल पर गए कर्मचारियों के वापस लौटने के बाद खरीदी की गति किस तरह प्रभावित होती है।


