
मूंगेली। भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रमुख पर्व चैत्र नवरात्र कल से शुरू होने जा रहा है। इसी पावन दिन से हिंदू नववर्ष का भी शुभारंभ माना जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। मंदिरों और घरों में भक्तिमय वातावरण देखने को मिलेगा।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
पंडितों के अनुसार, नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) का शुभ मुहूर्त सुबह 06:15 बजे से 10:20 बजे तक रहेगा। इस समय विधिपूर्वक पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
नवरात्र के नौ दिन, नौ देवियां और रंग
🔸 दिन 1 – मां शैलपुत्री
रंग: पीला | महत्व: सुख-समृद्धि की दात्री
🔸 दिन 2 – मां ब्रह्मचारिणी
रंग: हरा | महत्व: तप और साधना की प्रतीक
🔸 दिन 3 – मां चंद्रघंटा
रंग: ग्रे | महत्व: शांति और साहस प्रदान करती हैं
🔸 दिन 4 – मां कूष्मांडा
रंग: नारंगी | महत्व: सृष्टि की रचयिता
🔸 दिन 5 – मां स्कंदमाता
रंग: सफेद | महत्व: मातृत्व और करुणा
🔸 दिन 6 – मां कात्यायनी
रंग: लाल | महत्व: शक्ति और पराक्रम
🔸 दिन 7 – मां कालरात्रि
रंग: नीला | महत्व: बुराइयों का नाश
🔸 दिन 8 – मां महागौरी
रंग: गुलाबी | महत्व: शांति और पवित्रता
🔸 दिन 9 – मां सिद्धिदात्री
रंग: बैंगनी | महत्व: सिद्धि और सफलता
धार्मिक महत्व
चैत्र नवरात्र को शक्ति की उपासना का विशेष पर्व माना जाता है। इन दिनों व्रत, जप, हवन और पूजा करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह समय नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी शुभ माना गया है।
मंदिरों में तैयारी पूरी
नवरात्र को लेकर जिले के मंदिरों में विशेष सजावट और तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ की जा रही हैं।
आस्था और नई शुरुआत का पर्व
चैत्र नवरात्र न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह नई ऊर्जा, नई शुरुआत और सकारात्मकता का संदेश भी देता है। भक्तजन पूरे श्रद्धा भाव से मां दुर्गा की आराधना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।


