
मुंगेली। जिले के युवा कथक कलाकार शिवम सिंह राजपूत ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतिष्ठित शास्त्रीय नृत्य प्रतियोगिता “किंकिणी कीर्तन राष्ट्रीय नृत्योत्सव 2026” में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मुंगेली और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। उज्जैन (मध्यप्रदेश) में आयोजित इस प्रतिष्ठित कथक समारोह के 7वें संस्करण में देशभर से चयनित कलाकारों ने भाग लिया, जहां शिवम ने शानदार प्रस्तुति देते हुए द्वितीय पुरस्कार हासिल कर टॉप-5 में स्थान बनाया।

इस उपलब्धि पर उन्हें “किंकिणी कीर्तन नटराज अलंकरण 2026” (युवा कथक अलंकरण) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान कथक साधना, लय, भाव, मंचीय अभिव्यक्ति और शास्त्रीय परंपरा के उत्कृष्ट निर्वहन के लिए प्रदान किया गया।
शिवम ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरु पंडित धीरेन्द्र तिवारी को देते हुए कहा कि गुरु के मार्गदर्शन, अनुशासन और निरंतर साधना ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि कथक की शुद्ध परंपरा को आत्मसात करने की प्रेरणा उन्हें गुरु से ही मिली।
मुंगेली जिले के निवासी शिवम ने प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर से प्राप्त की। उनके पिता विष्णु सिंह राजपूत ग्राम पंचायत सचिव हैं, जबकि माता शकुन्तला राजपूत शिक्षिका हैं। परिवार से मिले संस्कार और कला के प्रति समर्पण ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से कथक में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में राष्ट्रीय कथक संस्थान, नई दिल्ली में उच्च प्रशिक्षण एवं साधना कर रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह उपलब्धि जिले के युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा बन गई है। कला और संस्कृति के क्षेत्र में शिवम की सफलता भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा के प्रति युवाओं को आकर्षित करने का कार्य करेगी।


