अचानकमार में बाघिन की मौत, प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल



मुंगेली: छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व के लमनी कोर परिक्षेत्र में 4 वर्षीय मादा बाघिन का शव मिला है। घटना बीते 23 जनवरी की है, जब लमनी के ग्राम छिरहाट्टा और बिरारपानी के बीच बेंदरा-खोंदरा के जंगल में ग्रामीणों ने झाड़ियों के पास बाघ को देखा।

ग्रामीणों ने पहले बाघिन को शांत देखा और संदेह हुआ। करीब जाकर देखा तो बाघिन मृत पाई गई। घटना की सूचना एटीआर (अचानकमार टाइगर रिजर्व) के अधिकारियों को दी गई। शव की पहचान एकेटी-13 मादा बाघिन के रूप में की गई।

पोस्टमार्टम से जुड़े सवाल और अधिकारी चुप


मादा बाघिन की मौत के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। शुक्रवार को एनटीसीए प्रोटोकॉल के अनुसार पोस्टमार्टम किया गया। ग्रामीणों ने अधिकारियों को सूचित करने के लिए संपर्क किया, लेकिन उनके मोबाइल बंद थे।

बाघों की सुरक्षा पर सवाल


घटना के बाद अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकार हर साल बाघों की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती हैं, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से यह प्रयास सवालों के घेरे में हैं।

अधिकारियों के बड़े-बड़े दावे फेल


एटीआर के अधिकारियों के बाघों की निगरानी और सुरक्षा के दावे इस घटना से फेल हो गए हैं। युवा मादा बाघिन की मौत ने एटीआर की कार्यप्रणाली पर गहरी चोट की है।

आगे की कार्रवाई पर नजर


वन विभाग और संबंधित अधिकारी बाघ की मौत की वजह का पता लगाने में जुटे हैं। बाघों की सुरक्षा और जंगल में उनकी निगरानी को लेकर बड़े बदलावों की जरूरत महसूस की जा रही है।

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