
सड़क, पाथवे और जलभराव जैसी समस्याओं पर उठे सवाल, नागरिकों ने मांगी जवाबदेही
सड़क, पाथवे और जलभराव जैसी समस्याओं पर उठे सवाल, नागरिकों ने मांगी जवाबदेही
मुंगेली। जिले में विकास कार्यों की प्रगति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। समय-समय पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं शासन स्तर के जिम्मेदार पदाधिकारी निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर संबंधित विभागों और ठेकेदारों को गुणवत्ता बनाए रखते हुए समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते रहे हैं। इसके बावजूद कई सड़क, नाली, पाथवे एवं अन्य निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
हाल के दिनों में लगातार हो रही बारिश के बीच कई क्षेत्रों में जलभराव और खराब सड़कों के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें नागरिक पानी में लेटकर सड़क की बदहाल स्थिति दिखाते नजर आ रहे हैं। वहीं कुछ स्थानों पर स्कूली बच्चों के लिए विद्यालय पहुंचना भी चुनौती बन गया है।
शहर में कलेक्टर बंगले से दाऊपारा चौक तक बनाए जा रहे पाथवे का कार्य भी महीनों से अधूरा होने की चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण की गति बेहद धीमी है, जिससे यातायात और पैदल चलने वालों को असुविधा हो रही है। कुछ नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया है कि पाथवे की ऊंचाई और निर्माण गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
जिले में प्रत्येक मंगलवार को विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित होती है, जिनमें विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की जाती है। ऐसे में आमजन यह जानना चाहते हैं कि यदि नियमित समीक्षा और निरीक्षण हो रहे हैं, तो फिर अनेक परियोजनाएं समय पर पूरी क्यों नहीं हो पा रही हैं।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी लंबित निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है, तो मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के अनुबंध प्रावधानों एवं संबंधित शासकीय नियमों के अनुसार जिम्मेदार एजेंसी या अधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि विकास कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे हो सकें।


