
पॉक्सो कोर्ट का कड़ा फैसला, पीड़िता को 5 लाख मुआवजा
मुंगेली। नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी ईतवारी भास्कर को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 1,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर एवं मोतीलाल साहू ने प्रभावी पैरवी की, जिसके चलते न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया।
शादी का झांसा बनाकर किया शोषण
मामला लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम झाफल का है। जून 2025 में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने 15 वर्षीय नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को 29 जून 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
“समाज पर गंभीर असर” — कोर्ट की सख्त टिप्पणी
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सोम ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिग बालिका के साथ इस प्रकार का अपराध न केवल पीड़िता के साथ अन्याय है, बल्कि यह समाज की नैतिक व्यवस्था को भी प्रभावित करता है। न्यायालय ने इसे अत्यंत गंभीर अपराध मानते हुए कड़ी सजा सुनाई।
पीड़िता के पुनर्वास के लिए 5 लाख की सहायता
न्यायालय ने पीड़िता के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुआवजे के निर्देश भी दिए—
- 5 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की जाएगी
- 1 लाख रुपये तत्काल खाते में जमा
- शेष 4 लाख रुपये FD के रूप में 18 वर्ष की आयु तक सुरक्षित रखे जाएंगे
यह फैसला नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है कि ऐसे मामलों में न्यायालय किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगा।


