
बिलासपुर/रायपुर/मुंगेली। कार, बाइक, इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ती दरों पर दिलाने तथा डिजिटल मार्केटिंग और शेयर ट्रेडिंग में दोगुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोपी लक्ष्य सोनी पर कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। मामले में न्यायालय ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ताजा मामले में मनीष कुमार सोनी, परिवीक्षा अधिकारी, शासकीय सम्प्रेषण गृह, माना कैम्प रायपुर ने थाना माना कैम्प में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी लक्ष्य सोनी ने डिजिटल मार्केटिंग एवं शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर भारी मुनाफा दिलाने का लालच दिया। साथ ही दोपहिया वाहन एवं इलेक्ट्रॉनिक सामान बेहद कम कीमत पर उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाकर विश्वास में लिया।
आरोपी ने बार-बार व्हाट्सएप के माध्यम से QR कोड भेजकर UPI ट्रांजेक्शन करवाया। शिकायतकर्ता, उनकी पत्नी तथा अन्य परिचितों द्वारा अलग-अलग खातों से कुल 12 लाख 48 हजार 800 रुपये आरोपी के बैंक खाते, उसकी बहन के खाते और अन्य बताए गए QR कोड पर ट्रांसफर किए गए।
राशि मिलने के बाद आरोपी ने कॉल, मैसेज और व्हाट्सएप पर जवाब देना बंद कर दिया। न कोई मुनाफा दिया गया और न ही वाहन व इलेक्ट्रॉनिक सामान उपलब्ध कराया गया। शिकायत में इसे सुनियोजित ऑनलाइन एवं UPI ठगी बताया गया है।
इससे पहले भी मुंगेली निवासी एक पीड़ित से आरोपी द्वारा 25.93 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आ चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कुल राशि का बड़ा हिस्सा निजी उपयोग में खर्च कर दिया।
सूत्रों के अनुसार मुंगेली के कई बड़े व्यापारी और अन्य लोग भी आरोपी लक्ष्य सोनी के झांसे में आकर बड़ी रकम गंवा चुके हैं, लेकिन सामाजिक प्रतिष्ठा और बदनामी के डर से खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। कई पीड़ित गुप्त रूप से पुलिस को जानकारी दे रहे हैं।
पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए बैंक खातों, QR कोड ट्रांजेक्शन और साइबर रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी की संभावना तेज हो गई


