
मुंगेली। लोरमी विकासखंड के ग्राम साल्हेघोरी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान को लेकर चल रहा विवाद अब कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। खाद्य विभाग के आधिकारिक खंडन के बाद खाद्य निरीक्षक राहुल श्रीवास की ओर से हाईकोर्ट अधिवक्ता अंकित श्रीवास के माध्यम से जय माँ सरस्वती महिला स्व सहायता समूह की सचिव पार्वती डाहिरे को विधिक नोटिस भेजा गया है।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि समूह की ओर से कलेक्टर जनदर्शन में प्रस्तुत शिकायत, समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के जरिए खाद्य निरीक्षक की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। नोटिस के अनुसार लगाए गए आरोप तथ्यहीन, निराधार और दुर्भावनापूर्ण हैं, जिससे एक शासकीय अधिकारी की प्रशासनिक प्रतिष्ठा एवं सामाजिक सम्मान को क्षति पहुंची है।
जनदर्शन की शिकायत बनी विवाद की वजह
जय माँ सरस्वती महिला स्व सहायता समूह की सचिव पार्वती डाहिरे ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि समूह को मिलने वाली पीडीएस कमीशन एवं बारदाना राशि का भुगतान नहीं किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया था कि दूसरे समूह के खाते में राशि डालकर गबन किया गया तथा बिना जांच के समूह का संचालन निलंबित कर दिया गया।
यह शिकायत बाद में विभिन्न समाचार पत्रों और सोशल मीडिया मंचों पर प्रसारित हुई, जिससे मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।
खाद्य विभाग ने आरोपों को बताया भ्रामक
विवाद बढ़ने पर खाद्य विभाग, मुंगेली ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि साल्हेघोरी उचित मूल्य दुकान के संचालन के दौरान विभिन्न वर्षों में खाद्यान्न की भारी कमी पाई गई थी। विभाग के अनुसार वर्ष 2022, 2024 और 2025 में किए गए भौतिक सत्यापन में कुल 403.28 क्विंटल चावल, 10.38 क्विंटल शक्कर और 9.51 क्विंटल नमक की कमी दर्ज की गई।
विभाग का कहना है कि इन अनियमितताओं के आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए तथा नियमानुसार कार्रवाई की गई। साथ ही समूह द्वारा निलंबन आदेश के विरुद्ध दायर अपील को कलेक्टर न्यायालय ने 23 फरवरी 2026 को खारिज कर दिया था।
50 लाख हर्जाने की मांग, 15 दिन में जवाब
हाईकोर्ट अधिवक्ता अंकित श्रीवास द्वारा भेजे गए विधिक नोटिस में आरोपों को पूरी तरह असत्य बताते हुए कहा गया है कि इनके समर्थन में कोई वैध दस्तावेज, शपथपत्र, कॉल रिकॉर्ड अथवा अन्य प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए गए।
नोटिस में प्रशासनिक प्रतिष्ठा की क्षति, मानसिक पीड़ा, पारिवारिक सम्मान एवं सामाजिक दुष्प्रभाव को आधार बनाते हुए 50 लाख रुपये हर्जाने की मांग की गई है। साथ ही 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी प्रकाशित करने अथवा क्षतिपूर्ति राशि जमा करने को कहा गया है। अन्यथा न्यायालय में दीवानी एवं दांडिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
खाद्य निरीक्षक का पक्ष
खाद्य निरीक्षक राहुल श्रीवास ने कहा कि वे जून 2023 से दिसंबर 2025 तक लोरमी में पदस्थ रहे और अपने कार्यकाल के दौरान कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने राशि गबन से जुड़े आरोपों को निराधार, मिथ्यापूर्ण और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए कहा कि यह उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास है।
साल्हेघोरी राशन दुकान से जुड़ा यह मामला अब प्रशासनिक जांच, विभागीय कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया के बीच पहुंच चुका है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नोटिस के जवाब में समूह की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और यह विवाद आगे किस दिशा में बढ़ता है।


