सरकार की नजर में अवैध….फिर भी सूदखोरी का कारोबार शहर से लेकर गांव तक फैला हुआ है
सूदखोरों के मकड़जाल में फंसकर कई हंसती खेलती जिंदगियां तबाह हो गईं। कोई इनके 10 प्रतिशत ब्याज वाले कर्ज से उद्यमी बनने का सपना देख रहा था तो कोई बच्चों की पढ़ाई करा रहा था। ऐसा नहीं है कि ये लोग कर्ज चुका नहीं रहे थे, बल्कि लोग कर्ज से कई गुना ब्याज दे चुके…

