
मुंगेली। जिले के फ़ास्टरपुर में प्रस्तावित इथेनॉल फैक्ट्री को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। प्रदेश किसान कांग्रेस कमेटी के प्रशासनिक महासचिव आत्मा सिंह क्षत्रिय गांव के सरपंचों और ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे और परियोजना पर गंभीर आपत्तियां जताईं।

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने फैक्ट्री से संभावित जल संकट और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की। आत्मा सिंह क्षत्रिय ने कहा कि फ़ास्टरपुर क्षेत्र पहले से ही पानी की कमी से जूझ रहा है, ऐसे में भारी जल उपयोग वाली फैक्ट्री स्थापित करना स्थानीय लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि बोरवेल के जरिए पानी लिया गया, तो आने वाले समय में भूजल स्तर तेजी से गिर सकता है।
क्षत्रिय ने यह भी कहा कि फैक्ट्री से आसपास के गांवों में प्रदूषण फैलने का खतरा बना रहेगा, जिससे किसानों और आम लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहां पर्याप्त जल स्रोत उपलब्ध न हों, वहां इस तरह की औद्योगिक इकाई स्थापित नहीं की जानी चाहिए।
वहीं, फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सीईओ हरनाम सिंह चौधरी ने बताया कि परियोजना में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपनाया जाएगा और आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदूषण को नियंत्रित रखा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि फैक्ट्री से किसी प्रकार का धुआं या पर्यावरणीय नुकसान नहीं होगा।
इसके बावजूद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने आशंकाएं दूर न होने तक परियोजना का विरोध जारी रखने की बात कही है। आत्मा सिंह क्षत्रिय ने भी संकेत दिए कि वे इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएंगे, ताकि क्षेत्र के हितों की रक्षा हो सके।


