
रायपुर 25 मई। सोमवार को एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। लगातार बढ़ रही कीमतों के कारण राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का दाम 102 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है।
बताया जा रहा है कि पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले पहली बढ़ोतरी में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी, जबकि हाल ही में पेट्रोल में 0.87 रुपये और डीजल में 0.91 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था। कुल मिलाकर बीते कुछ दिनों में ईंधन की कीमतों में लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हो चुकी है।
दिलचस्प बात यह है कि घरेलू बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को नॉर्थ सी ब्रेंट क्रूड 5.1 प्रतिशत गिरकर 98.22 डॉलर प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडियट (WTI) 5.2 प्रतिशत गिरकर 91.57 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा युद्ध समाप्ति की संभावनाओं के कारण देखी जा रही है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने किसी भी संभावित समझौते को लेकर स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं।
तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले बढ़ी कीमतों के मुकाबले घरेलू बाजार में लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखी गई थीं। युद्ध शुरू होने के बाद 76 दिनों तक पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए, जिससे कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी के अनुसार हालिया बढ़ोतरी से पहले तेल कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था।
कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका असर आने वाले दिनों में रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।


