
मुंगेली!गर्मी के मौसम में हर साल आने वाला नौतप्पा शुरू हो गया है। नौतप्पा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होती है। यह अवधि लगभग 9 दिनों की होती है और इसे साल के सबसे गर्म दिनों में गिना जाता है। इस दौरान दोपहर के समय तेज धूप और लू चलने से जनजीवन प्रभावित होता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी के आसार हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि नौतप्पा केवल गर्मी ही नहीं लाता, बल्कि इसके कई प्राकृतिक फायदे भी होते हैं।
नौतप्पा के फायदे:
• तेज गर्मी से वातावरण में मौजूद कई हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणु नष्ट होते हैं।
• अच्छी गर्मी पड़ने से मानसून के सक्रिय होने की संभावना बढ़ती है।
• फसलों में लगने वाले कई कीट कम होते हैं, जिससे कृषि को लाभ मिलता है।
• अनाज, दाल और अन्य खाद्य पदार्थों को सुखाने में मदद मिलती है।
नौतप्पा के नुकसान:
• अत्यधिक गर्मी और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।
• डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
• बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष परेशानी होती है।
• बिजली और पानी की मांग बढ़ने से संकट की स्थिति बन सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर ढंकने की सलाह दी है।
नौतप्पा भले ही गर्मी का कठिन दौर हो, लेकिन प्रकृति के संतुलन और आने वाले मानसून की तैयारी में इसकी अहम भूमिका मानी जाती है।


